जम्मू क्षेत्र के बड़े हिस्से में बुधवार को लगातार चौथे दिन भी भारी बारिश जारी रही जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और लैंडस्लाइड से लोगों को भारी परेशानी हुई। इस बीच जम्मू और कश्मीर के उप मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और सांसद मियां अल्ताफ बुधवार को पीर पंजाल क्षेत्र में भूस्खलन के बीच बाल-बाल बच गए।
बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा के लिए नौशेरा से नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक सुरिंदर चौधरी और अनंतनाग-राजौरी निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी के लोकसभा सदस्य अल्ताफ, राजौरी और पुंछ जिलों का दौरा कर रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि चौधरी का काफिला राजौरी के पास चिंगुस इलाके से गुजर रहा था तभी भूस्खलन के कारण उसे रुकना पड़ा।
J&K: बाढ़ से भारी नुकसान
कुछ देर इंतजार करने और स्थिति का जायजा लेने के बाद, काफिला राजौरी की ओर आगे बढ़ा जहां चौधरी ने सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में से एक बेला कॉलोनी का दौरा किया और अचानक आई बाढ़ से हुए नुकसान के साथ-साथ प्रशासन द्वारा शुरू किए गए राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया।
दूसरी ओर, पुंछ के सुरनकोट के पास मदाना में हुए भूस्खलन के बाद मियां अल्ताफ का वाहन सड़क के बीचो-बीच कीचड़ और मलबे में फंस गया। सांसद ने वाहन छोड़कर तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर रुख किया और सड़क साफ करने वाले कर्मचारियों द्वारा मलबा हटाए जाने के बाद उन्होंने अपना दौरा फिर से शुरू किया।
रोड कनेक्टिविटी को जल्द से जल्द बहाल करने का प्रयास कर रहे
इस बीच, उप मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने अखनूर और राजौरी को जोड़ने वाले NH-144A खंड पर कालीधर और चौकी चौरा के बीच सुंबल सुरंग के निर्माण में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चल रहे निर्माण कार्य ने राजमार्ग की स्थिति को और खराब कर दिया है। हाल ही में हुई बारिश से सड़कों को हुए नुकसान का जिक्र करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी, विशेष रूप से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना परियोजनाओं पर काम कर रहे इंजीनियर, रोड कनेक्टिविटी को जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास कर रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित ज़िलों में चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा की और प्रभावित इलाकों में ज़मीनी हालात का जायज़ा लिया।
जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश
रविवार से J&K के पुंछ, राजौरी और डोडा जिलों में बारिश से संबंधित घटनाओं में कम से कम 23 लोगों की मौत हो गई है और सात लोग लापता हैं। लगातार भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के बढ़ते खतरे के कारण अमरनाथ यात्रा, वैष्णो देवी यात्रा, शिव खोड़ी यात्रा और मचैल माता यात्रा सहित सभी प्रमुख तीर्थयात्राएं स्थगित कर दी गयी हैं। मौसम को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूलों की छुट्टियां 26 जुलाई तक बढ़ा दी हैं। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
