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Jammu-Kashmir crisis: महबूबा मुफ्ती ने आज बुलाई PDP की बैठक, BJP ने कहा- टूट रहा सब्र का बांध

बीजेपी के एक वरिष्‍ठ नेता ने कहा, 'हमें सत्‍ता का कोई लालच नहीं है। पीडीपी हमारे धैर्य की परीक्षा न ले। यह पूरी कवायद नई शर्तें थोपने के लिए की जा रही है।'

सरकार गठन के लिए महबूबा मुफ्ती ने जो बैठक बुलाई है, उसमें जोनल स्‍तर तक के नेताओं को बुलाया गया है।

मुख्‍यमंत्री मुफ्ती मोहम्‍मद सईद के निधन के बाद जम्मू-कश्मीर में नई सरकार को सस्‍पेंस बना हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती सरकार को लेकर कोई भी खतरा नहीं लेना चाहती हैं, इसलिए वह पूरा समय लेकर कोई भी कदम उठाएंगी। दूसरी ओर बीजेपी महबूबा मुफ्ती का रवैया अच्‍छा नहीं लग रहा है और उसने पीडीपी को अल्‍टीमेटम दे दिया है कि सरकार बनाने में ऐसे ही देरी होती रही तो उसके सब्र का बांध टूट सकता है। 7 जनवरी मुफ्ती मोहम्मद सईद का निधन हो गया था, उसके बाद से ही जम्‍मू-कश्‍मीर में राष्‍ट्रपति शासन लागू है। उनके निधन से पहले राज्‍य में बीजेपी और पीडीपी की मिलीजुली सरकार सत्‍ता में थी।

सूत्रों के मुताबिक महबूबा मुफ्ती ने पार्टी के शीर्ष और जिला एवं जोनल स्‍तर के नेताओं की रविवार को मीटिंग बुलाई है। इसमें बीजेपी के साथ गठबंधन पर फैसला किया जा सकता है। महबूबा के नजदीकी लोगों के मुताबिक, पीडीपी-बीजेपी का फिर से गठबंधन होने की संभावना तभी बनेगी, जब बीजेपी अपनी ओर से इसके लिए कुछ प्रयास करती दिखेगी। मुफ्ती मोहम्‍मद सईद के निधन को 23 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पीडीपी की ओर से सरकार बनाने को लेकर अभी तक कोई पहल नहीं की गई है। बीजेपी के एक वरिष्‍ठ नेता ने कहा, ‘हमें सत्‍ता का कोई लालच नहीं है। पीडीपी हमारे धैर्य की परीक्षा न ले। यह पूरी कवायद नई शर्तें थोपने के लिए की जा रही है।’

गौरतलब है कि 87 सदस्‍यों वाली जम्‍मू-कश्‍मीर विधानसभा में पीडीपी के 28, जबकि बीजेपी के 25 विधायक हैं। सरकार बनाने के लिए 44 सीटों की जरूरत है। वहीं, सीपीआई (एम)-1, कांग्रेस-12, एनसी-15, जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस (जेकेपीसी)-2, जम्मू-कश्मीर पीपुल ड्रेमोक्रेटिक (सेकुलर)-1 और 3 इंडिपेंडेंट हैं। महबूबा मुफ्ती अगर चाहें तो कांग्रेस और नेशनल कॉन्‍फ्रेंस के साथ मिलकर सरकार बना सकती हैं। इन तीनों दलों की सीटें 55 हैं और बहुमत के लिए 44 सीटों की जरूरत है।

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