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DDC चुनाव से पहले Roshni Scam में आया फारूख अब्दुल्ला का नाम, बोले NC नेता- वहां हैं सैकड़ों मकान, ये परेशान करने का प्रयास

जानकारी के मुताबिक रोशनी जमीन घोटाले में तीनों बड़ी पार्टियों, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी और कांग्रेस के सैकड़ों नेताओं के नाम हैं।

jammu kashmirपूर्व सीएम पर कई गंभीर आरोप लग रहे हैं।

जम्मू कश्मीर में जल्दी ही जिला विकास परिषद (डीडीसी) के चुनाव होने वाले हैं। लेकिन चुनाव से ठीक पहले राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला का नाम एक बड़े घोटाले से जुड़ गया है। कहा जाता है कि जम्मू-कश्मीर के इतिहास में रोशनी जमीन आवंटन घोटाला सबसे बड़ा घोटाला है और इसमें 25 हजार करोड़ रुपए की हेराफेरी की गई है। कहा जा रहा है कि कई राजनेताओं ने सस्ती दरों पर महंगी सरकारी जमीनें खरीद लीं और खूब पैसे बनाए।

रोशनी घोटाला क्या है? फारुख अब्दुल्ला पर क्या आऱोप हैं यह हम आपको आगे बताएंगे। पहले ये जान लीजिए की रोशनी जमीन घोटाला क्या है? दरअसल सरकार ने प्रभावशाली लोगों द्वारा सार्वजनिक जमीन के अतिक्रमण को नियमित करने के लिए रोशनी एक्ट बनाया था। इस अधिनियम के तहत यह प्रस्तावित किया गया था कि वर्ष 1990 तक प्रचलित बाजार दर के बराबर लागत के भुगतान पर, 1990 तक अनाधिकृत रूप से राज्य की भूमि पर कब्जा रखने वाले व्यक्तियों को मालिकाना हक दिया जाए क्योंकि इन जमीनों को वापस ले पाना सरकार के लिए मुश्किल हो रहा था।

1999 के पहले जो सरकारी जमीन थी उसे गरीब तबके के लोगों को विधिपूर्वक जमीन उपलब्ध कराने के लिए रोशनी एक्ट बनाया गया था। इसका दूसरा उपयोग पॉवर प्रोजेक्ट के लिए पैसा इकट्ठा करना था ताकि उसे जम्मू-कश्मीर के पॉवर प्रोजेक्ट में लगाया जा सके। 2001 में इसे बनाया गया था लेकिन इसमें समय-समय पर संशोधन किया जाता रहा।

पूर्व सीएम पर क्या हैं आरोप? अब यह कहा जा रहा है कि इस एक्ट की आड़ में राज्य की सैकड़ों एकड़ मूल्यवान वन और भूमि पर अवैध रूप से प्रभावशाली राजनेताओं, व्यापारियों, नौकरशाहों और न्यायिक अधिकारियों ने कब्जा कर लिया। राजस्व विभाग ने अपनी जांच में पाया है कि जम्मू कश्मीर के सीएम रहे फारूक अब्दुल्ला का जम्मू में आलीशान बंगला है। 1998 में उन्होंने तीन अलग अलग लोगों से तीन कैनाल ज़मीन ख़रीद ली। बाद में जंगल के 7 कैनाल ज़मीन पर धीरे-धीरे क़ब्ज़ा किया। अब इसी ज़मीन पर उनका घर है जिसे अवैध बताया जा रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि फारुख अब्दुल्ला की पार्टी का श्रीनगर में जो दफ्तर है वो भी अवैध है।

कई बड़े नेताओं के नाम शामिल: जानकारी के मुताबिक रोशनी जमीन घोटाले में तीनों बड़ी पार्टियों, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी और कांग्रेस के सैकड़ों नेताओं के नाम हैं। इसके अलावा कुछ बड़े आईएएस अधिकारियों, कुछ बड़े बिजनेसमैंन और होटल मालिकों के नाम भी शामिल हैं। कहा जा रहा है कि पूर्व पीडीपी नेता हसीब द्रबू और उनके तीन रिश्तेदार, कांग्रेस नेता के के अमला औऱ उनके रिश्तेदार और नेशनल कॉन्फ्रेंस के चार नेताओं (जिसमें सज्जाद किचलू और हरून चौधरी भी शामिल हैं।) के नाम इस घोटाले से जुड़ रहे हैं।

जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने इस घोटाले से जुड़े नामों की एक लिस्ट बनाने का आदेश दिया था। इसमें पूर्व कांग्रेसी मंत्री अब्दुल माजिद वाणी और जेएंडके बैंक के पूर्व अध्यक्ष एम वाई खान का ना भी शामिल है। पिछले महीने ही अदालत ने इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिये थे। सीबीआई ने इस मामले में कई एफआईआऱ दर्ज किया है।

बहरहाल अपने ऊपर लगे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि ‘वहां सिर्फ मेरा मकान नहीं है, वहां सैकड़ों घर हैं। मैं कोई प्रतिक्रिया नहीं दूंगा वो सिर्फ मुझे परेशान करना चाहते हैं…उन्हें करने दीजिए।’

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