जम्मू-कश्मीरः सेना की आपत्ति के बावजूद बीजेपी के पूर्व डिप्टी सीएम ने तैयार करवा लिया था अपना बंगला- RTI रिपोर्ट

रिपोर्ट के अनुसार सेना ने तीन बार पर जम्मू-कश्मीर सरकार को पत्र लिखकर निर्माण कार्य को रोकने और क़ानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की थी। सेना ने इसके लिए पुलिस से भी संपर्क करने की कोशिश की थी। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं की गई।

आरटीआई रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि भारतीय सेना की आपत्ति के बावजूद भाजपा नेता व जम्मू कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने सेना के इलाके में अपने बंगले का निर्माण किया। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

जम्मू कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह का बन गांव स्थित बंगला गैरकानूनी रूप से बनाया गया है। एक आरटीआई रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि भारतीय सेना की आपत्ति के बावजूद पूर्ववर्ती पीडीपी-बीजेपी सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे निर्मल सिंह ने सेना के इलाके में अपना बंगला तैयार किया। केंद्र सरकार के द्वारा बनाए गए प्रावधानों को धता बताते हुए उन्होंने भारतीय सेना के कैंप के पास अपने बंगले का निर्माण किया।

दरअसल आरटीआई कार्यकर्ता मुज़फ्फर अली शान ने जनवरी 2016 और दिसंबर 2020 के बीच जम्मू के बान और पंजग्रेन गांवों में हुए अवैध निर्माण के बारे में विवरण मांगा था। आरटीआई के जवाब में दिए गए सरकारी आकड़ों से पता चला कि जम्मू कश्मीर के पूर्व उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने कानून का उल्लंघन करते हुए और केंद्र सरकार एवं भारतीय सेना के द्वारा अपनाए गए क़ानूनी प्रावधानों के बावजूद जम्मू के सेना वाले इलाके में अपने बंगले का निर्माण किया।

सरकारी अधिकारियों ने कहा कि जम्मू के नगरोटा के बनगांव में भारतीय सेना के गोला-बारूद डिपो के पास निर्मल सिंह ने अपने बंगले का निर्माण 2017 में शुरू किया था जब वे पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी-भाजपा गठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री थे। हालांकि केंद्र सरकार द्वारा 2015 में जारी की गई अधिसूचना के अनुसार लोगों को सशस्त्र बलों के प्रतिष्ठानों के 1,000 गज के भीतर कोई भी निर्माण कार्य करने से रोक दिया गया था। लेकिन इसके बावजूद निर्मल सिंह ने सेना के बारूद डिपो से महज 580 गज की दूरी पर बंगला बनाया।

निर्मल सिंह के बंगले को लेकर भारतीय सेना के अधिकारियों ने भी आपत्ति जताई थी। तत्कालीन 16 कोर कमांडर के लेफ्टिनेंट जनरल सरनजीत ने निर्मल सिंह को लिखे पत्र में साफ़ कहा था कि बंगला अवैध रूप से बनाया जा रहा है और यह गोला बारूद डिपो के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। 19 मार्च, 2018 को भेजे गए पत्र में यह भी कहा गया कि इससे गोला बारूद भंडारण की सुरक्षा और उसमे काम करने वाले कर्मियों की सुरक्षा पर भी ख़तरा पैदा हो सकता है।

इतना ही नहीं सरकारी रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि सेना ने तीन बार पर जम्मू-कश्मीर सरकार को पत्र लिखकर निर्माण कार्य को रोकने और क़ानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की थी। सेना ने इसके लिए पुलिस से भी संपर्क करने की कोशिश की थी। लेकिन इसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरटीआई के जवाब में यह भी कहा गया कि प्रशासन ने निर्मल सिंह के बंगले को अवैध घोषित किया था लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

वहीं इस मामले को लेकर जब भाजपा नेता निर्मल सिंह से उनकी प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने कोई भी जवाब नहीं दिया। जानकारी के अनुसार बनगांव में बने इस बंगले की जमीन निर्मल सिंह की पत्नी के नाम पर है और इसको हिमगिरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड ने विकसित किया था। ममता सिंह इस कंपनी की शेयर धारक भी रही थीं।

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