jammu kashmir 60 soldiers killed this year double annual toll in last 2 years - जम्मू कश्मीर: इस साल शहीद हुए 60 जवान, पिछले दो सालों के मुकाबले दोगुनी हुई संख्या - Jansatta
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जम्मू कश्मीर: इस साल शहीद हुए 60 जवान, पिछले दो सालों के मुकाबले दोगुनी हुई संख्या

भारतीय आर्मी ने पिछले साल के मुकाबले इस साल अबतक लगभग दोगुने जवानों को खो दिया है।

Author December 18, 2016 7:39 AM
कश्मीर में तैनात भारतीय सेना के जवान। (File Photo)

भारतीय आर्मी ने पिछले साल के मुकाबले इस साल अबतक लगभग दोगुने जवानों को खो दिया है। इसका मुख्य कारण सीजफायर का उल्लंघन बढ़ना, घुसपैठ और पाकिस्तान आर्मी एक्शन टीम (BAT) के लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर हो रहे हमले हैं। साथ ही आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए राज्य में हो रहे ऑपरेशन में भी काफी जवानों ने जान गंवाई है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार 15 दिसंबर तक जम्मू कश्मीर में 60 जवान शहीद हो गए थे। वहीं 2015 में शहीद होने वालों की संख्या 33 थी और 2014 में 32 जवानों ने देश के लिए जान दी थी। 60 में से 23 जवान लाइन ऑफ कंट्रोल पर होने वाले सीजफायर और ऑपरेशन्स में मारे गए। वहीं 2015 में ऐसी कार्रवाही में सिर्फ चार और 2014 में सिर्फ पांच शहीद हुए थे। वहीं आंतरिक इलाकों में हुई मुठभेड़ में अबतक 37 जवान शहीद हुए हैं। 2015 में ऐसे हमलों में 29 जवान और 2014 में 27 जवान शहीद हुए थे।

आर्मी अफसर का कहना है कि आंतरिक इलाकों में शहीद होने वालों की संख्या दो बड़े हमलों की वजह से ज्यादा है। जिसमें उरी और नगरोटा हमला शामिल है। उरी हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे। उसके बाद भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। जिसके बाद ही सीमा पर सीजफायर उल्लंघन की घटनाएं बढ़ने लगीं। सीजफायर में दोनों ही देशों की तरफ से भारी हथियारों का इस्तेमाल हुआ। जिसमें तोपें भी शामिल हैं।

गौरतलब है कि पिछले तीन हफ्तों से सीजफायर का उल्लंघन कम हो रहा है। इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए आर्मी के अफसरों ने यह भी माना कि घाटी में आतंक बढ़ गया है। इस साल 100 से ज्यादा आतंकी मारे जा चुके हैं। उनमें से ज्यादातर घुसपैठ के दौरान मारे गए।

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