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कश्‍मीर: भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में मार गिराए 5 पाकिस्‍तानी जवान, 6 को किया घायल

भीमबेर और बट्टाल सेक्‍टर में सेना की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्‍तान के 5 सैनिक मारे गए हैं।

LoC पर भारतीय सेना ने पाक आतंकियों को मार गिराया (फाइल फोटो)

जम्‍मू-कश्‍मीर में भारतीय सेना ने पाकिस्‍तान की तरफ से की गई फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब दिया है। एएनआई ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि भीमबेर और बट्टाल सेक्‍टर में सेना की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्‍तान के 5 सैनिक मारे गए हैं। इसके अलावा जवाबी फायरिंग में 6 पाकिस्‍तानी सैनिक घायल भी हुए हैं। पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम उल्लंघन को लेकर भारत के उप उच्चायुक्त को तलब किया गया है। इस्लामाबाद के मुताबिक, इस घटना में एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। विदेश कार्यालय ने एक बयान में कहा कि महानिदेशक (दक्षिण एशिया एवं दक्षेस डेस्क) मोहम्मद फैसल ने भारत के उप उच्चायुक्त जेपी सिंह को तलब किया और गुरुवार को बट्टल, जांदरोत तथा कोटली सेक्टरों में संघर्ष विराम के उल्लंघन की निंदा की। भारतीय राजनयिक को अवगत कराया गया कि ‘जानबूझकर’ नागरिकों को निशान बनाया जाना अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकारों व कानूनों का उल्लंघन है। भारतीय पक्ष से 2003 के संघर्ष विराम समझौते का पालन करने, घटना की जांच तथा नियंत्रण रेखा पर शांति बरकरार रखने की अपील की गई।

इससे पहले, जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर गुरुवार को भारत और पाकिस्तान के सुरक्षाबलों के बीच भारी गोलीबारी में एक मजदूर की मौत हो गई जबकि दो घायल हो गए। घायलों में एक सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ) का जवान भी है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष मेहता ने बताया, “जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (जीआरईएफ) की ओर से की गई गोलीबारी में एक मजदूर की मौत हो गई झबकि एक चालक घायल हो गया।” उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने गुरुवार को अकारण ही अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। उन्होंने कहा,”पाकिस्तानी सेना ने एलओसी पर राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर और पुंछ के कृष्णाघाटी सेक्टर में हमारी चौकियों पर अंधाधुंध गोलीबारी और गोलाबारी शुरू कर दी।” मेहता ने बताया, “पाकिस्तानी सुरक्षाबल छोटे एवं स्वचालित हथियारों और मोर्टार से हमला कर रहे थे। हमारे सुरक्षाबल बड़ी ही मुस्तैदी से इसका जवाब दे रहे हैं।”

एलओसी पर यह स्थिति केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के दावे के ठीक उलट है। सिंह ने गुरुवार को कहा कि 2016 में सेना द्वारा नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ के मामले घटे है। राजनाथ ने सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ) के एक कार्यक्रम के दौरान कहा, “सर्जिकल स्ट्राइक के बाद घुसपैठ के मामले घटे हैं।” सेना ने नियंत्रण रेखा के पार आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक की थी जिसमें दर्जनभर आतंकवादी मारे गए थे।

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