पुलिस व्यवस्था को आधुनिक, अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्र शासित प्रदेश के विभिन्न पुलिस थानों के लिए 200 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को मेंटर नियुक्त किया गया है।

यह फैसला सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जिला मेंटर नियुक्त किए जाने के एक दिन बाद लिया गया। उप महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक लेवल के इन अधिकारियों को अलग-अलग पुलिस थानों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनका काम थानों के ओवरऑल विकास की निगरानी करना और पेशेवर, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग को बढ़ावा देना होगा।

मेंटरों पर होंगी यह जिम्मेदारियां

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मेंटर अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल में अधिक पेशेवर कार्य संस्कृति (Professional Work Culture) विकसित करना है। वे पुलिस थानों को जनसंपर्क मजबूत करने और पुलिस व आम लोगों के बीच विश्वास बढ़ाने में मदद करेंगे। इसके साथ ही अपराध संबंधी रिकॉर्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों के व्यवस्थित और प्रभावी रखरखाव के लिए भी मार्गदर्शन देंगे।

वरिष्ठ अधिकारियों को मेंटर नियुक्त करने का यह निर्णय हाल ही में आयोजित पुलिस महानिदेशकों (DG) और पुलिस महानिरीक्षकों (IGP) के सम्मेलन के बाद लिया गया। यह कदम ‘विकसित भारत 2047’ के तहत सरकार के व्यापक पुलिस सुधार कार्यक्रम का हिस्सा माना जा रहा है।

मेंटर अधिकारियों को पुलिस थानों के भौतिक ढांचे में सुधार की जिम्मेदारी भी दी गई है। इसके तहत थानों में साफ-सफाई बेहतर बनाने, स्वच्छ शौचालय सुविधाएं सुनिश्चित करने और आगंतुकों के लिए स्वागत कक्ष को अधिक व्यवस्थित व सुविधाजनक बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।

एक साल के लिए मिलेगी थाने की जिम्मेदारी

पुलिस अधिकारी के अनुसार, मेंटर अधिकारियों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने के लिए एक विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार किया गया है। हर एक अधिकारी को शुरुआती तौर पर एक साल के लिए किसी पुलिस थाने का मेंटर बनाया गया है।

इसके अलावा, मेंटर अधिकारी पुलिसकर्मियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के बेहतर उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित करेंगे। वे तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देंगे और नई तकनीकों तथा इनोवेशन को अपनाने में मदद करेंगे, ताकि पुलिस सेवाओं की गुणवत्ता और कार्यक्षमता में सुधार हो सके।

हालांकि, इन अधिकारियों को पुलिस थानों के विकास की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित पुलिसिंग, जांच-पड़ताल या थानों के परिचालन, वित्तीय और प्रशासनिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।

बता दें कि इससे पहले जम्मू-कश्मीर सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश के सभी 20 जिलों के लिए भी वरिष्ठ अधिकारियों को जिला मेंटर नियुक्त किया था। इन अधिकारियों को राजस्व अभिलेखों के डिजिटलीकरण का काम समय पर पूरा कराने और उसके प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।