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जम्मू और कश्मीर के पंचों-सरपंचों को मिलेगी पुलिस सुरक्षा, 2 लाख रुपए के बीमा कवर की भी होगी सुविधा

गृह मंत्री ने जल्द ही विभिन्न सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती शुरू करने का वादा किया और कहा कि सरकार प्रत्येक गांव से कम से कम पांच उम्मीदवारों की मेरिट के आधार पर भर्ती सुनिश्चित करेगी।

नई दिल्ली में जम्मू और कश्मीर के विभिन्न समूहों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक करते हुए गृह मंत्री अमित शाह। (फोटोः पीटीआई)

जम्मू और कश्मीर में आतंकवादियों से खतरे का सामना करने वाले सभी पंचों और सरपंचों को पुलिस सुरक्षा के साथ दो-दो लाख रुपए का बीमा कवरेज मिलेगा। मंगलवार (तीन सितंबर, 2019) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घाटी के सरपंचों और पंचों के एक प्रतिनिधिमंडल से भेंट के दौरान यह आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के अनुसार, शाह ने कहा कि मानदेय बढ़ाने की पंचों और सरपंचों की मांग पर विचार किया जाएगा।

गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार, सरपंचों द्वारा मोबाइल कनेक्टिविटी बहाल करने के विषय पर गृह मंत्री ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में बहुत जल्द मोबाइल कनेक्टिविटी बहाल होगी। शाह ने इस दौरान तीन प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की, जिसमें जम्मू कश्मीर के विभिन्न जिलों के सरपंचों, फल उत्पादकों और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से विस्थापित लोगों शामिल रहे।

श्रीनगर जिले के हरवन के एक ग्राम प्रधान जुबेर निषाद भट्ट ने मीडिया से कहा कि गृह मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि राज्य में मोबाइल फोन सेवाएं अगले 15-20 दिनों में बहाल कर दी जाएंगी और उन सभी को दो-दो लाख रुपए का बीमा कवरेज दिया जाएगा।

बयान के मुताबिक, शाह ने स्पष्ट किया कि स्थितियां सामान्य होते ही जम्मू कश्मीर का दर्जा जल्द से जल्द बहाल किया जाएगा होगी। उन्होंने प्रतिनिधियों से कहा कि वे किसी अफवाह पर विश्वास नहीं करें। कहा गया कि उन्होंने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि किसी की जमीन नहीं ली जाएगी और उद्योगों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना के लिए सरकारी भूमि का उपयोग किया जाएगा। इससे न केवल स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि राज्य के लिए कर राजस्व भी बढ़ेगा। उसका उपयोग लोगों के कल्याण के लिए किया जाएगा।

शाह ने जल्द ही विभिन्न सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती शुरू करने का वादा किया और कहा कि सरकार प्रत्येक गांव से कम से कम पांच उम्मीदवारों की मेरिट के आधार पर भर्ती सुनिश्चित करेगी। पीएमओ में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह पंचायत सदस्यों की बैठक में मौजूद थे। उन्होंने बाद में संवाददाताओं से कहा कि योग्यता के आधार पर प्रत्येक गांव के कम से कम पांच युवाओं को नौकरियां दी जाएंगी।

कुपवाड़ा के एक सरपंच मीर जुनैद ने कहा कि उन्होंने गृह मंत्री से सुरक्षा प्रदान करने का अनुरोध किया और उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि प्रशासन हमें सुरक्षा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि लोग अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के कारण खुश हैं क्योंकि उन्हें विगत में ‘‘मुफ्ती और अब्दुल्ला परिवारों’’ द्वारा डराया गया था। (पीटीआई-भाषा इन्पुट्स के साथ)

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