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बॉर्डर पर यूं ‘चालबाजी’ कर जवानों को निशाना बना रहा पाकिस्तान

पता चला है कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं (आईबी) और नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पर पाकिस्तानी रेंजरों और सेना ने न केवल भारतीय सीमा निगरानी उपायों को चकमा देने के लिए, बल्कि भारतीय सुरक्षा बलों पर निशाना साधने के लिए अपनी रणनीतियां बदल ली हैं।

(फोटो सोर्स- एएनआई)

पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स अब सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और सशस्त्र बलों के भारतीय निगरानी उपायों को धोखा देने के लिए भयावह रणनीति का सहारा ले रहे हैं। पता चला है कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं (आईबी) और नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पर पाकिस्तानी रेंजरों और सेना ने न केवल भारतीय सीमा निगरानी उपायों को चकमा देने के लिए, बल्कि भारतीय सुरक्षा बलों पर निशाना साधने के लिए अपनी रणनीतियां बदल ली हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक पाकिस्तानी सेना ने एक प्रकार का छलावरण पहनना शुरू कर दिया है, जिसे ‘थर्मल कैमौफ्लेज सूट’ कहा जा रहा है। यह छद्म सूट गर्मी को दबा देता है और उसे बाहर नहीं आने देता है। नतीजतन, वर्दी की गर्माहट से पाकिस्तानी सैनिकों, रैजर्स या घुसपैठियों को पता लगा लेने वाले भारतीय सेना के खास किस्म के उपकरण धोखा खा जाते हैं।  भारतीय सेना दरअसल सीमा पर दुश्मनों की घुसपैठ और उनके मूवमेंट पर करीबी से नजर बनाए रखने के हैंड हेल्ड थर्मल इमेजर्स उपकरण का इस्तेमाल करती है।

पाकिस्तानियों की तरफ से छद्म वर्दी का इस्तेमाल करने की वजह से भारतीय सेना के लिए दुश्मन पर नजदीकी से नजर रखना कठिन हो जाता है। एएनआई ने दावा किा है कि उसके पास एक खास वीडियो है जिसमें इस बात की पुष्टि होती है। इस बात का पता तब चला जब हाल ही में पाकिस्तान की तरफ बीएसएफ जवानों को निशाना बनाया गया, जिसमें दो जवान शहीद हो गए थे।

सूत्रों के मुताबिक इस बात की बहुत संभावना है कि पाकिस्तान का स्पेशल सर्विस ग्रुप (एसएसजी) भी ऐसी ही भयावह रणनीति पर काम कर रहा है। बता दें कि पाकिस्तान की तरफ से युद्ध विराम उल्लंघन रुक नहीं रहा है। एएनआई के मुताबिक अखनूर के केरी बत्ताल इलाके में पाकिस्तान की तरफ से किए गए युद्ध विराम के उल्लंघन में भारतीय सीमा के एक गांव में गोली लगने से एक ऑठ साल के बच्चे की मौत हो गई। भारतीय सेना की तरफ से भी पाक को मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा हैं।

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