J&K: उधमपुर में सेना का चॉपर क्रैश, दो पायलट्स की गई जान; उरी में तीसरे दिन भी सर्च ऑपरेशन

उन्होंने आगे कहा कि बताया जा रहा है कि यह घटना पूर्वाह्न 10 बजकर 30 मिनट से 10 बजकर 45 मिनट के बीच हुई। यह हेलीकॉप्टर सेना की एविएशन (विमानन) कोर का है।

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हादसे में सेना के ये दो जवान शहीद हो गए, जबकि बगल में दुर्घटनास्थल का दृश्य। (फोटोः ANI/@livefist-टि्वटर)

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में मंगलवार (21 सितंबर, 2021) को भारतीय सेना का एक चॉपर एक घने जंगल में दुर्घटना का शिकार हो गया। क्रैश होने के बाद इसमें सवार दोनों पायलट घायल हो गए, जिन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

जम्मू के एक रक्षा प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया था, ‘‘आज पटनीटॉप क्षेत्र में एक प्रशिक्षण उड़ान के दौरान भारतीय सेना का चीता हेलीकॉप्टर जिले के शिवगढ़ धार इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।’’ प्रवक्ता के मुताबिक, इस क्रैश में दो पायलट घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

उन्होंने आगे कहा कि बताया जा रहा है कि यह घटना पूर्वाह्न 10 बजकर 30 मिनट से 10 बजकर 45 मिनट के बीच हुई। यह हेलीकॉप्टर सेना की एविएशन (विमानन) कोर का है। उत्तरी कमान के एक रक्षा प्रवक्ता ने इस दुर्घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दुर्घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है और सेना इस बारे में बयान जारी करेगी।

सूत्रों के हवाले से कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि शिवगढ़ धार में मौसम गड़बड़ होने के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि, इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसी बीच, कश्मीर पुलिस के बयान के अनुसार, “सबसे पहले स्थानीय लोगों ने पटनीटॉप इलाके में एक चॉपर को नीचे गिरते देखा था। हम लोग इसके बाद उस जगह पर पहुंचे थे।”

पीआरओ डिफेंस जम्मू ने बताया कि क्रैश में घायल हुए दोनों पायलटों की मौत हो गई। भारतीय सेना में नॉर्दर्न कमांड की ओर से कहा गया, “जीओसी-इन-सी, उत्तरी कमान, लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी और सभी रैंक बहादुर मेजर रोहित कुमार और मेजर अनुज राजपूत को सलाम करते हैं, जिन्होंने 21 सितंबर को पटनीटॉप में ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। हम उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।”

उरी सेक्टर में तीसरे दिन भी सर्च ऑपरेशनः जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर उरी में संदिग्ध गतिविधियों का पता चलने के बाद सेना द्वारा शुरू किया गया तलाश अभियान मंगलवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। इसके मद्देनजर सभी मोबाइल टेलीफोन और इंटरनेट सेवाएं सीमावर्ती इलाके में बंद हैं। अधिकारियों ने बताया कि तलाश अभियान 18 और 19 सितंबर की दरमियानी रात शुरू किया गया था। रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि इलाके में तलाश अभियान चल रहा है, लेकिन इस बारे विस्तृत जानकारी नहीं दी।

अधिकारियों ने बताया कि नियंत्रण रेखा पर बाड़ के पास दुश्मन से” शुरुआती आमना-सामना” में एक सैनिक घायल हो गया था और यह सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर तलाश अभियान चलाया गया कि यदि घुसपैठिएं हो तो वे आंतरिक क्षेत्र में ना जा पाएं। अधिकारियों ने सोमवार को एहतियात के तौर पर उरी में सभी टेलीफोन और इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया था। यहां जिस क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि देखी गई, वह गोहलान के पास पड़ता है, जहां सितंबर 2016 में उरी ब्रिगेड पर हमला किया गया था।

बडगाम में IED का पता चला, बड़ा हादसा टलाः बडगाम जिले के उच्च सुरक्षा वाले गोगो इलाके में सुरक्षा बलों ने समय पर एक आईईडी का पता लगा कर एक बड़े हादसे को टाल दिया। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि यह क्षेत्र कई संवेदनशील रक्षा और नागरिक प्रतिष्ठानों के करीब है, जिसमें श्रीनगर हवाई अड्डा, तकनीकी हवाई अड्डा, जम्मू-कश्मीर सेना की ‘लाइट इन्फैंट्री’ का मुख्यालय शामिल है।

उन्होंने बताया कि वहां संभावित विध्वंसक गतिविधियां होने की खुफिया जानकारी मिलने के बाद सोमवार रात ही सेना और पुलिस ने गोगो इलाके की घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू कर दिया था। अधिकारियों के अनुसार, तलाश अभियान के दौरान ही आईईडी बरामद हुआ और तुरंत ही बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया, जिसने उसे निष्क्रिय कर दिया। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)

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