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J&K में हुई मुठभेड़ में 2 जवान शहीद, 2 आतंकवादी मारे गए

जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा जिले में जवान और आतंकियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। इस एनकाउंटर में अब तक दो जवान शहीद हो गए हैं। वहीं सेना ने भी दो आतंकियों को ढेर कर दिया है।

J&K: हंदवाड़ा में एनकाउंटर के दौरान सेना के दो जवान शहीद, दो आतंकी भी ढेर

उत्तरी कश्मीर में कुपवाड़ा जिले के हंदवारा में हुई मुठभेड़ में सेना के कम से कम दो जवान शहीद हो गए और दो आतंकवादी मारे गए।

एक सैन्य अधिकारी ने आज बताया कि यहां से 100 किलोमीटर दूर हंदवारा में जाचलदारा के लारीबल गांव में सुरक्षा बलों ने एक अभियान चलाया जिसके बाद कल रात मुठभेड़ शुरू हुई।

उन्होंने बताया कि जारी मुठभेड़ में अब तक दो आतंकवादी मारे हैं जिनकी पहचान नहीं हो पाई है। इस दौरान सेना के दो जवान शहीद हो गए हैं।

अधिकारी ने बताया कि इलाके में और आतंकवादियों के मौजूद होने की सूचना मिली है जिसके मद्देनजर अभियान अब भी जारी है।

सरहद पर शांति की दिशा में सकारात्मक संकेत

भारत और पाकिस्तान ने गुरुवार को यहां अपनी तीन दिवसीय महानिदेशक स्तर की सीमा वार्ता शुरू कर दी और जम्मू कश्मीर में संघर्षविराम उल्लंघन की घटनाओं को विराम देने के लिए वहां अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नई रणनीति बनाने का फैसला किया। दोनों पड़ोसी देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता में इस बात को उत्साहजनक माना जा रहा है कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पाकिस्तान रेंजर्स की बातचीत को एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया है ताकि नए नियमों और रणनीतियों पर चर्चा हो सके और उन्हें अंतिम रूप दिया जा सके।

एक शीर्ष सरकारी सूत्र ने कहा कि बातचीत की सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह रही कि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि सीमा पर शांति बनाए रखना सबसे महत्त्वपूर्ण मुद्दा है और इसे अमल में लाने की जरूरत है। तय एजंडे के मुताबिक बातचीत गुरुवार को समाप्त होने वाली थी क्योंकि शुक्रवार को पाकिस्तान रेंजर्स को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से उनके साउथ ब्लॉक स्थित कार्यालय पर मुलाकात करनी है और बाद में पाकिस्तान उच्चायोग में अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात करनी है। दिल्ली में पाकिस्तान रेंजर्स के दौरे के आखिरी दिन 12 सितंबर को दोनों पक्षों के बीच बातचीत के संयुक्त रिकॉर्ड पर दस्तखत किए जाने हैं। इसके बाद 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद के लिए रवाना हो जाएगा।

सूत्र ने कहा कि बातचीत को एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया है और संघर्षविराम उल्लंघनों को रोकने व भारत-पाक सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए तय किए जाने वाले प्रोटोकॉल पर फैसला करने के लिए शुक्रवार को एक विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के प्रमुख डीके पाठक ने यहां शाम को केंद्रीय जांच एजंसी एनआइए के एक कार्यक्रम में कहा कि पहले दिन की बातचीत से भारतीय पक्ष खुश है। पाठक ने कहा- मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा।

बातचीत बहुत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और हम इसे लेकर खुश हैं। सूत्रों के मुताबिक भारतीय पक्ष ने सुझाव दिया कि अतीत की घटनाओं पर बहस करने और झगड़ने के बजाय दोनों पक्षों को इस सीमा को सैनिकों और असैन्य नागरिकों के लिए शांतिपूर्ण व सुरक्षित बनाने की रणनीति पर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस बात पर तैयार हो गया और कुछ और सकारात्मक बातचीत के बाद परस्पर निर्णय लिया गया कि सत्र को एक दिन बढ़ाया जाएगा। पाकिस्तान रेंजर्स की अगुआई उसके महानिदेशक (पंजाब) उमर फारुक बुरकी ने की। सूत्रों के अनुसार रेंजर्स ने बीएसएफ से इस सीमा पर परस्पर चिह्नित कुछ इलाकों में साझा गश्त शुरू करने को कहा जिस पर भारत ने रजामंदी जता दी।

सूत्रों ने आगे कहा कि रेंजर्स ने ‘भारत और पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह’ (यूएनएमओजीआइपी) के क्रियान्वयन के मुद्दे को नहीं उठाया। यह बहुप्रतीक्षित वार्ता जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम उल्लंघन के बढ़ते मामलों और सीमा पर जारी तनाव के बीच हो रही है। यह बातचीत डेढ़ साल से ज्यादा समय बाद हो रही है। सूत्रों के अनुसार बीएसएफ ने सीमापार से घुसपैठ व मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और सीमा पर दूसरी तरफ से अनधिकृत रक्षा ढांचों के निर्माण के बिंदुओं पर अपनी बात रखी। पाकिस्तानी पक्ष ने इसका संज्ञान लिया।

रेंजर्स ने बीएसएफ से कहा कि उनकी ओर से गोलीबारी से उनके जवानों और असैन्य नागरिकों की मौतें हो रही हैं और यह रुकना चाहिए। इससे पहले रेंजर्स के महानिदेशक मेजर जनरल बुरकी को यहां बीएसएफ मुख्यालय पर गार्ड आॅफ आॅनर दिया गया और बाद में पाठक व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद औपचारिक रूप से वार्ता शुरू हुई। इससे पहले दिसंबर, 2013 में लाहौर में बातचीत हुई थी। अमृतसर होकर बुधवार शाम दिल्ली पहुंचे पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल में सिंध रेंजर्स, देश के गृह मंत्रालय, सर्वे आॅफ पाकिस्तान, एंटी नारकोटिक्स फोर्स और आव्रजन विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारी हैं।

एजंडे पर मतभेद के कारण दिल्ली में 23-24 अगस्त को प्रस्तावित राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) स्तरीय वार्ता रद्द होने के बाद दोनों देशों के बीच शीर्ष स्तर का यह पहला संवाद है। सूत्रों ने बताया कि बीएसएफ ने ‘सफेद ध्वज’ उठाए जाने पर भी दूसरी तरफ से ‘कोई जवाब’ नहीं मिलने के मुद्दे को भी उठाया। इस ध्वज को उठाने का संकेत होता है कि दोनों पक्षों के कमांडरों की मुलाकात की इजाजत के लिए गोलीबारी खत्म की जाए। क्षेत्रीय कमांडरों के बीच संचार के और माध्यम होने के संबंध में भी निर्णय लिया गया। एक सूत्र ने कहा कि विश्वास बहाली के कदमों को शुक्रवार को अंतिम रूप दिया जाएगा और 12 सितंबर को दोनों महानिदेशक उस पर संयुक्त रूप से हस्ताक्षर करेंगे।

समझा जाता है कि बीएसएफ ने गुजरात में कच्छ के रण में ‘हरामी नाला’ इलाके में घुसपैठ और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ‘शून्य रेखा’ क्षेत्र तक संदिग्धों की अवैध गतिविधियों के मुद्दे को भी उठाया। सूत्र ने कहा कि पाकिस्तान ने दलील दी कि वह अपने उपलब्ध संसाधनों और बुनियादी ढांचे के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहा है और सीमा पर प्रभावी निगरानी रखने के लिए इसमें सुधार भी करेगा। जब दूसरी तरफ से वायु क्षेत्र में उल्लंघन का मुद्दा उठाया गया तो बीएसएफ ने कहा कि यह उनके क्षेत्राधिकार से बाहर है क्योंकि उनके पास कोई हवाई संसाधन नहीं हैं। सूत्र ने कहा कि भारतीय पक्ष ने काफी बातें रखीं और पाकिस्तानी पक्ष बहुत ध्यान से सुन रहा था।

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