जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी के भाई के घर पर एंटी-करप्शन ब्यूरो ने बुधवार को छापेमारी की। कथित तौर पर आय से ज़्यादा संपत्ति की जांच के सिलसिले में टीम ने ये छापेमारी की। वहीं अपने भाई के खिलाफ कार्रवाई पर उपमुख्यमंत्री ने निंदा की। उन्होंने कहा कि ये परिवार को बदनाम करने की कोशिश बताया। अधिकारियों के मुताबिक जम्मू शहर के बाहरी इलाके संतोख विहार में पुलिस इंस्पेक्टर विजय चौधरी के घर पर छापेमारी की गई। बुधवार दोपहर तक ये छापामारी की गई।

5 महीने पहले हुआ था ट्रांसफर

विजय चौधरी का पिछले सितंबर में लद्दाख ट्रांसफर कर दिया गया था। अपने भाई के घर पर एसीबी की छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने इसे बदले की कार्रवाई बताया, और दावा किया कि इसका मकसद उनके परिवार को डराना और बदनाम करना था। उन्होंने अपने भाई के प्रमोशन में रुकावट के पीछे पुलिस डिपार्टमेंट के अंदर की दुश्मनी का भी आरोप लगाया।

सुरेंद्र चौधरी ने क्या कहा?

उपमुख्यमंत्री ने कहा, “ऊपर बैठे लोग जो सोचते हैं कि उनके घर से कोई छिपा हुआ खजाना मिलेगा, उन्हें कुछ नहीं मिलेगा। आपने पहले की गई कार्रवाई देखी, अब तक क्या बरामद हुआ है? मेरे पास कई फाइलें आती हैं जिनमें लोग रंगे हाथों पकड़े जाते हैं और बाद में बरी हो जाते हैं। तो यह एक बहस है।”

सुरेंद्र चौधरी ने आगे कहा, “हम डरते नहीं हैं। हम जानते हैं कि हम कौन हैं और हम किसके लिए खड़े हैं। आखिर में सच की जीत होगी। लड़ाई अभी शुरू हुई है और हम इसे कानूनी तौर पर लड़ेंगे। अगर मेरे भाई गलत पाए जाते हैं, तो उन्हें सज़ा मिलनी चाहिए।”

नौशेरा से विधायक हैं सुरेन्द्र चौधरी

सुरेंद्र चौधरी नौशेरा से नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक हैं। उन्होंने कहा कि मेरे भाई का करियर रिकॉर्ड बहुत अच्छा रहा है जो मिलिटेंसी और क्राइम के खिलाफ लगातार लड़ाई को दिखाता है। उन्होंने कहा, “मेरे भाई ने जहां भी काम किया, अपनी हिम्मत और प्रोफेशनलिज़्म के लिए नाम कमाया। भाई ने गुरसाई (पुंछ), थानामंडी (राजौरी), डोडा और सुपवाल में मिलिटेंसी से लड़ाई लड़ी थी।” पढ़ें सेना का 326 दिनों का ऑपरेशन सफल

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रमजान के महीने की शुरुआत से एक दिन पहले यानी 18 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा ने एक आदेश जारी किया। आदेश के मुताबिक, सरकार, वक्फ बोर्ड या किश्तवाड़ की जामिया मस्जिद के इमाम की अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति, गैर सरकारी संगठन या धार्मिक एवं धर्मार्थ संगठन रमजान के महीने के दौरान चंदा इकट्ठा नहीं कर सकता। पढ़ें पूरी खबर