दिल्ली पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने के लिए गुप्त प्लानिंग की थी। इसकी भनक पुलिस अधिकारियों के अलावा अन्य किसी को नहीं थी। यह सब दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार के कार्यभार संभालने के एक दिन बाद हुआ।
सूत्रों के मुताबिक, संसद के मानसून सत्र से पहले सुरक्षा अभ्यास के नाम पर शनिवार तड़के करीब नई दिल्ली जिले के पुलिसकर्मियों को जंतर-मंतर बुलाया गया। उसके बाद उन्हें मंडी मार्ग थाने ले जाकर बताया गया कि सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सिर्फ 30 सेकेंड के अंदर हटाया जाएगा। वांगचुक के हटाने से पहले इलाके में फोन जैमर भी लगा दिया गया था। सुबह करीब 6:30 बजे पुलिस ने मंच के सामने सफेद पर्दा लगाया और उसकी आड़ में वांगचुक को वहां से हटा दिया, जिसके वहां मौजूद लोग इसको न देख सकें।
सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर थे। जो कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित एक विरोध प्रदर्शन का हिस्सा है। जिसमें परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों और बार-बार परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई है।
वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने की घटना केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा को अचानक पद से हटाने और उनकी जगह अनुराग कुमार को नियुक्त करने के एक दिन बाद हुई। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार,गोलछा को अचानक हटाए जाने का संबंध जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन को लेकर बताया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर का पदभार संभालने के बाद अनुराग कुमार ने सभी विशेष पुलिस आयुक्तों से मुलाकात की और सोनम वांगचुक को विरोध स्थल से हटाने की रणनीति तैयार करने लग गए। एक सूत्र ने बताया कि शुरुआत में, कॉकरोच जनता पार्टी के सभी सदस्यों की दिनचर्या पर चर्चा की गई। जिसके बाद उन्हें सुबह के कुछ मिनटों के एक छोटे से समय के बारे में पता चला जब कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके पास के टॉयलेट में जाते थे। उन्होंने ठीक उसी समय सोनम वांगचुक को हटाने का फैसला लिया।
पिछली बार जब कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था, तब सभी पुलिसकर्मियों को दिल्ली पुलिस मुख्यालय बुलाया गया था और उन्हें योजना की जानकारी दी गई थी। योजना की जानकारी लीक हो गई थी, लेकिन इस बार केवल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को ही सटीक योजना की जानकारी थी।
’30-सेकेंड’ की योजना
शुक्रवार को रात करीब 11 बजे नई दिल्ली जिले के सभी थाना अधिकारियों को संदेश भेजा गया कि शनिवार सुबह सुरक्षा अभ्यास होगा। एसएचओ को निर्देश दिया गया कि वे 10 पुलिसकर्मियों के साथ सुबह तीन बजे तक पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंच जाएं।
एक सूत्र ने बताया कि सभी पुलिस अधिकारी वहां पहुंच गए। जिसके बाद उन्हें मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन आने को कहा गया, जहां डीसीपी (नई दिल्ली जिला) सचिन शर्मा ने उन्हें योजना के बारे में जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों को बताया गया कि वे सोनम वांगचुक को विरोध स्थल से हटाने की योजना को अंजाम देने के लिए वहां आए थे। उन्हें बताया गया कि उन्हें दीपके की हरकत का इंतजार करना होगा और 30 सेकेंड के भीतर वांगचुक को वहां से हटाना होगा। उन्होंने जंतर-मंतर स्थित केरल हाउस के पास एक एम्बुलेंस खड़ी की।
सुबह करीब 6:30 बजे जैसे अभिजीत दीपके बाहर निकले, वैसे ही पुलिस मंच पर पहुंच गई। पुलिस ने मंच के चारों तरफ सफेद कपड़ा लगाया और सोनम वांगचुक को धरना स्थल से हटा दिया। सूत्र ने बताया कि दो मिनट के भीतर ही चार-पांच पुलिसकर्मियों ने उन्हें उठाया और एम्बुलेंस से सफदरजंग अस्पताल ले गए। इसके बाद पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हटाना शुरू कर दिया। उसी समय, पुलिस की एक टीम ने दीपके को भी रोक लिया।
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को हटाया, सफदरजंग अस्पताल में कराया भर्ती
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का आज 21वां दिन था। जंतर-मंतर पर मौजूद कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों ने सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने का विरोध किया। इस वजह से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी वाले हालात बन गए हालांकि पुलिस ने हालात को संभाल लिया। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि वे जंतर-मंतर को जल्द से जल्द खाली कर दें। पढ़ें पूरी खबर।
