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Jamia हिंसाः रीडिंग रूम में मौजूद लोग पत्थरबाजी में थे शामिल? वीडियो की जांच के लिए SIT गठित

जामिया कॉर्डिनेशन कमिटी, दिल्ली पुलिस सूत्रों और यूट्यूब चैनल मकतूब मीडिया (Maktoob Media) द्वारा जारी की गई वीडियो फुटेज का तुलनात्मक अध्य्यन दर्शाता है कि पत्थर फेंकने वालों में कई लोग रीडिंग रूम में पुलिस के घुसने से पहले ही मौजूद थे।

जामिया हिंसा: पुलिस ने जांच के लिए एसआईटी गठित की है।

Jamia हिंसा केस में कैंपस के भीतर बल प्रयोग को लेकर दिल्ली पुलिस सवालों के घेरे में है। इसी बीच, एक अंग्रेजी चैनल की ‘विजुअल पड़ताल’ में दावा किया गया है कि रीडिंग रूम में जो लोग मौजूद थे, वे ही पत्थरबाजी में शामिल थे। ‘India Today TV’ की इस खबर में बताया गया कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पुलिस के रीडिंग रूम में घुसने और लाठी चार्ज करने से पहले कुछ लोग वीडियो में रेलिंग के पास पत्थर लिए कूदते नजर आए थे।

जामिया कॉर्डिनेशन कमिटी, दिल्ली पुलिस सूत्रों और यूट्यूब चैनल मकतूब मीडिया (Maktoob Media) द्वारा जारी की गई वीडियो फुटेज का तुलनात्मक अध्य्यन दर्शाता है कि पत्थर फेंकने वालों में कई लोग रीडिंग रूम में पुलिस के घुसने से पहले ही मौजूद थे। हालांकि, फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि ये जामिया छात्र हैं या फिर बाहरी।

इसी बीच, दिल्ली पुलिस ने इस मामले की जांच-पड़ताल के लिए विशेष जांच (SIT) का गठन किया गया है। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी पी रंजन ने कहा कि 15 दिसंबर को जामिया में हुई हिंसा के संबंध में कई वीडियो सामने आए हैं जिसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।घटनाक्रम की जांच की जाएगी। जामिया लाइब्रेरी में छात्रों के साथ-साथ बाहरी लोग भी देखे गए हैं। इस घटना की जांच जारी है।

बता दें कि जामिया की जॉइंट कॉर्डिनेशन कमिटी की तरफ से एक वीडियो जारी किया गया था जिसमें पुलिस लाइब्रेरी के अंदर लोगों पर लाठियां बरसा रही थी। हालांकि बाद में दो और वीडियो सामने आए थे।

पांच मिनट 25 सेंकेंड के दूसरे क्लिप में लोग हड़बड़ी में विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में प्रवेश करते हुए कथित रूप से नजर आ रहे हैं। कुछ ने अपने चेहरे ढंके हुए हैं। जब ये सभी पुस्तकालय में दाखिल हो जाते हैं तो तब वहां मौजूद लोग मेजों और कुर्सियों से मुख्य द्वार जाम करते हुए देखे जा सकते हैं। इसमें इस घटना के समय और तारीख का ब्योरा नहीं है।

पुलिस का कहना है कि वह 15 दिसंबर की इस घटना की अपनी जांच के तहत इस वीडियो को और कुछ घंटे बाद सामने आये अन्य दो वीडियो की जांच करेगी।

वहीं, दूसरी ओर दिल्ली की एक अदालत ने देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार शरजील इमाम को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ 15 दिसंबर को न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में हिंसक प्रदर्शनों से संबंधित एक अलग मामले में सोमवार को दिल्ली पुलिस की एक दिन की हिरासत में भेज दिया।

पुलिस ने बताया कि इस हिंसा मामले में एक अन्य आरोपी फुरकान ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि उसे इमाम के भाषणों ने उकसाया था, जिसके बाद मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट गुरमोहन कौर ने यह आदेश दिया। इस सिलसिले में इमाम के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है। इमाम से अदालत में आधे घंटे तक पूछताछ के बाद अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में दे दिया।

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