विदेश मंत्री जयशंकर ने शनिवार को कहा कि भारत वैश्विक संकट के बीच मजबूती से उभरा और इसका डटकर मुकाबला किया। हमने घरेलू और बाहरी दोनों तरह की चुनौतियों का काफी हद तक सफलतापूर्वक सामना किया। वैश्विक व्यवस्था बदल रही है और देशों की ताकत व प्रभाव में साफ तौर पर बदलाव नजर आ रहा है।
जयशंकर के भाषण की बड़ी बातें
- विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि संघर्षों का असर दूर-दराज के समाजों पर भी गहराई से पड़ा है, जो वैश्वीकरण की व्यापकता को दर्शाता है। जयशंकर ने कहा, “इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि हाल के समय में कई वैश्विक संकटों ने हमारी सहनशीलता की परीक्षा ली है और भारत उनसे मजबूती के साथ उभरा है।”
- उन्होंने कहा कि फरवरी में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद पश्चिम एशिया में शुरू हुए संकट ने वैश्विक ईंधन आपूर्ति को प्रभावित किया है और हाइड्रोकार्बन की कमी पैदा की है।
- विदेश मंत्री ने कहा कि मजबूत राष्ट्रीय क्षमताओं का निर्माण अब अनिवार्य हो गया है; जोखिम कम करने और वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने का यह सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यवस्था बदल रही है और देशों की ताकत व प्रभाव में साफ तौर पर बदलाव नजर आ रहा है।
- जयशंकर ने कहा, “प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, सैन्य क्षमता, संपर्क और संसाधनों में हो रहे नए विकास ने बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच जोखिम लेने की प्रवृत्ति को बढ़ाया है। आज हर चीज का इस्तेमाल अपने हित में किया जा रहा है, कई बार उसे हथियार की तरह भी इस्तेमाल किया जा रहा है।”
- उन्होंने कहा कि दुनिया एक ऐसे दौर का सामना कर रही है, जहां माहौल अधिक अस्थिर और अप्रत्याशित होता जा रहा है तथा ऐसे में खुद को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती बन गया है। विदेश मंत्री ने कहा, “इस स्थिति ने जोखिम कम करने और विविधीकरण की दिशा में अधिक झुकाव पैदा किया है, चाहे वह व्यापारिक निर्णय हों या विदेश नीति का हिस्सा।”
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अमेरिकी अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि दो सर्च ऑपरेशन चल रहे हैं। एक ऑपरेशन में F-15E के लापता क्रू मेंबर को खोजा जा रहा है जो दक्षिण-पश्चिमी ईरान में गिर गया था। दूसरा मामला होर्मुज स्ट्रेट के पास A-10 वॉर्थोग की घटना से जुड़ा है, जहां पायलट को पहले ही बरामद कर लिया गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।

