भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची के बीच पिछले कुछ दिनों में तीसरी बार बातचीत हुई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को मीडिया को यह जानकारी दी।
रणधीर जायसवाल ने मीडिया से कहा, “विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री के बीच हाल के दिनों में तीन बार बातचीत हुई है। पिछली बातचीत में शिपिंग की सेफ्टी और इंडिया की एनर्जी सिक्योरिटी से जुड़े मुद्दों पर बात हुई थी।”
रणधीर जायसवाल ने आगे कहा, “जहां तक युद्ध के असर की बात है, तो यह सबके सामने है कि आस-पास क्या हो रहा है। हम में से कई लोगों की ज़िंदगी पर इसका असर पड़ा है, सिर्फ हमारी ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोगों और देशों पर इसका असर पड़ा है ।”
विदेश मंत्रालय के अनुसार ईरान में करीब नौ हजार भारतीय हैं जिनमें छात्र, नाविक, पेशेवरों, व्यापारी और धार्मिक तीर्थयात्री शामिल हैं। जायसवाल ने बताया कि भारत सरकार इन सभी लोगों को सुरक्षा की चिन्ता कर रही है। जायसवाल ने बताया कि ईरान में पढ़ने वाले कई भारतीय छात्र पहले ही ईरान छोड़कर भारत लौट चुके हैं।
जायसवाल ने बताया कि तेहरान में मौजूद छात्रों और तीर्थयात्रियों सहित अन्य लोगों को देश के भीतर सुरक्षित स्थानों और शहरों में स्थानांतरित कर दिया गया है।
अजरबैजान और आर्मेनिया में फंसे भारतीयों की भी मदद
जायसवाल ने कहा कि हम उन भारतीय नागरिकों की सहायता कर रहे हैं जो अज़रबैजान और आर्मेनिया की यात्रा करना चाहते हैं और वहां से वाणिज्यिक उड़ानों से अपने देश लौटना चाहते हैं। हम वीजा में सहायता प्रदान कर रहे हैं और जमीनी सीमा पार करने में सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि कई भारतीयों ने पड़ोसी देशों में सुरक्षित रूप से प्रवेश करने के लिए मिशन से संपर्क किया है और उन्हें इसमें सफलतापूर्वक सहायता प्रदान की गई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ईरान से भूमि मार्ग से बाहर निकलने की इच्छा रखने वाले सभी भारतीय नागरिकों से भारतीय दूतावास द्वारा जारी सलाह का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया।
जायसवाल ने आगे कहा, “लड़ाई शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री ने खाड़ी के कई नेताओं से बात की है। इन बातचीत में, उन्होंने बातचीत और कूटनीति की ज़रूरत पर ज़ोर दिया ताकि जल्दी शांति लौट सके। उन्होंने आम लोगों की मौत से बचने की जरूरत पर भी ज़ोर दिया और आम लोगों की सुरक्षा पर ध्यान दिया। GCC देशों में हमारी एक बड़ी भारतीय कम्युनिटी है और उनकी सुरक्षा और भलाई सबसे ज़रूरी है। इस बात पर ज़ोर दिया गया”
पाकिस्तान को भारत की दो टूक
वहीं, पाकिस्तान को लेकर रणधीर जायसवाल ने कहा, “हम ऐसे बेबुनियाद आरोपों को खारिज करते हैं। पाकिस्तान के लिए अपनी गलतियों के लिए भारत पर इल्ज़ाम लगाना अब आम बात हो गई है। दशकों से आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश के तौर पर, जब बॉर्डर पार आतंकवाद की बात आती है तो पाकिस्तान की कोई साख नहीं है। कितनी भी कहानी सुनाने से यह सच्चाई नहीं बदलेगी और न ही पाकिस्तान के खुद को पीड़ित समझने से कोई बेवकूफ बनेगा।”
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