जयपुर नगर निगम (जेएमसी) की 150 सीटों के लिए जमकर चुनाव प्रचार चल रहा है। राज्य में सरकार चला रही बीजेपी और विपक्षी दल कांग्रेस ने चुनाव में पूरी ताकत झोंकी है। जेएमसी के चुनाव में विशेष बात यह है कि बीजेपी ने इस बार अपनी रणनीति में थोड़ा सा बदलाव किया है।
बीजेपी ने 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में किसी भी मुस्लिम नेता को उम्मीदवार नहीं बनाया था लेकिन जयपुर नगर निगम के चुनाव में उसने आठ मुसलमानों को टिकट दिया है।
बीजेपी के मुस्लिम उम्मीदवारों के सामने मुस्लिम बहुल इलाकों में बीजेपी के लिए वोट हासिल करने की बड़ी चुनौती है। चुनाव प्रचार के दौरान ये सभी उम्मीदवार सुबह 8:30 बजे से देर शाम तक प्रचार करते हैं। इस दौरान वे वार्ड में लोगों से मिलते-जुलते हैं।
राजस्थान बीजेपी के प्रवक्ता रामपाल शर्मा कहते हैं, “उम्मीदवारों के नाम को अंतिम रूप देने से पहले मतदाताओं को ध्यान में रखा गया, हमें उम्मीद है कि हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे क्योंकि मुस्लिम समुदाय विकास के लिए वोट करेगा। बीजेपी को इस बात का भरोसा है।”
वार्ड 128 से लड़ रहे माजिद खान
वार्ड 128 से माजिद खान बीजेपी के उम्मीदवार हैं। वह लंबे समय से पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं। माजिद कहते हैं कि पार्टी ने उन्हें उनके 18 साल के काम का इनाम दिया है।
माजिद ने कहा, “मुझे गर्व है कि मैं बीजेपी के लिए काम करता हूं, पार्टी ने विकास किया है, मैं लंबे समय से नगर निगम के इस वार्ड में पार्टी का सक्रिय सदस्य रहा हूं और मुझे यकीन है कि मैं जीतूंगा।”
इस वार्ड के कई लोग माजिद खान के बारे में अच्छी राय रखते हैं हालांकि वे बीजेपी के समर्थक नहीं हैं। चाय की दुकान पर बैठे शमशेर खान कहते हैं, “हमें माजिद भाई से कोई दिक्कत नहीं है। वह लंबे समय से मुस्लिम समुदाय के लिए काम कर रहे हैं लेकिन बीजेपी को वोट देना हमें मंजूर नहीं है।”
शमशेर खान की बात पर वहां बैठे कुछ लोग आपत्ति जताते हैं। वे कहते हैं, “हो सकता है माजिद चुनाव जीत जाएं… नगर निगम के चुनाव उम्मीदवार के निजी काम के आधार पर जीते जाते हैं, न कि किसी राजनीतिक विचारधारा के आधार पर।”
ये हैं बीजेपी के सात अन्य मुस्लिम उम्मीदवार
| क्रम संख्या | उम्मीदवार का नाम | वार्ड नंबर |
|---|---|---|
| 1 | शाहनवाज अंसारी | 19 |
| 2 | जाकिर खान | 109 |
| 3 | फरीउद्दीन | 113 |
| 4 | शबाब जहां | 117 |
| 5 | मिजाना मिर्जा | 136 |
| 6 | रईस मंसूरी | 137 |
| 7 | अफसाना | 146 |
‘बालमुकुंदाचार्य ने मुसलमानों के लिए भी काम किया’
वार्ड 136 से बीजेपी ने मिजाना मिर्जा को टिकट दिया है। मिजाना मिर्जा के पति मोहम्मद कय्यूम वार्ड के दफ्तर में लोगों से बातचीत करते हैं। यह कार्यालय हवा महल विधानसभा क्षेत्र में है। इस विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के विधायक बालमुकुंदाचार्य हैं। बालमुकुंदाचार्य विवादित और ध्रुवीकरण वाले बयानों के कारण चर्चा में रहे हैं।
मिजाना के कार्यालय में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और बालमुकुंदाचार्य के साथ उनकी तस्वीरों वाले कई पोस्टर लगे हैं। मिजाना के पति कय्यूम बालमुकुंदाचार्य का बचाव करते हुए कहते हैं कि उन्होंने मुसलमानों के लिए भी काफी काम किया है।
मिजाना के इंस्टाग्राम हैंडल पर एक महिला का वीडियो दिखाते हुए कय्यूम कहते हैं, “वह कांग्रेस विधायक रफीक खान के विधानसभा क्षेत्र (आदर्श नगर) की रहने वाली हैं। उनके पति ने उन्हें दूसरी महिला के लिए छोड़ दिया था और बच्चे की देखभाल करने से इनकार कर दिया था। बालमुकुंदाचार्य ने इस मामले में दखल दिया और अब पति उन्हें मुआवजा देने को तैयार है। मैं समझता हूं कि उनके कुछ भाषण मुस्लिम समुदाय को ठीक नहीं लगे होंगे लेकिन जो भी मुस्लिम मदद मांगने आए उन्होंने उनकी हमेशा मदद की है।”
इस वार्ड के कई मतदाताओं को मिजाना की जीत की संभावना कम लगती है। उनका कहना है कि यहां कांग्रेस उम्मीदवार या कोई निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव जीत सकता है। एक मतदाता ने कहा, “यहां के मुसलमान बालमुकुंदाचार्य की पार्टी को वोट नहीं देंगे।”
वार्ड 113, 117 और 137 में भी इसी तरह की बातें सुनाई दीं हालांकि, कुछ लोग बीजेपी के मुस्लिम उम्मीदवारों को पसंद भी करते हैं और उनके पक्ष में मतदान करने की बात कहते हैं।
शाहनवाज अंसारी को दोबारा टिकट मिला
बीजेपी के इन आठ मुस्लिम उम्मीदवारों में केवल शाहनवाज अंसारी को दोबारा टिकट मिला है। वह वार्ड 19 से चुनाव लड़ रहे हैं। शाहनवाज का कहना है कि बीजेपी ने उन लोगों को टिकट दिया है जो जमीन पर लगातार काम कर रहे हैं।
शाहनवाज कहते हैं, “मुझे 2020 के जेएमसी चुनाव में भी टिकट मिला था और मैं कुछ सौ वोटों से हार गया था। इस साल मैंने कड़ी मेहनत की है… राज्य और केंद्र में बीजेपी की सरकार होने के कारण, बीजेपी का मेयर और वार्ड पार्षद किसी भी दूसरी पार्टी के मुकाबले लोगों की ज्यादा मदद कर पाएंगे। जयपुर में यह ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ होगी।”
शाहनवाज कहते हैं, “केंद्र सरकार की कई नीतियों से हिंदुओं और मुसलमानों, दोनों को फायदा हुआ है। मुसलमानों के लिए बीजेपी को वोट न देने की कोई वजह नहीं है।” शाहनवाज अपनी जीत को लेकर काफी आश्वस्त दिखाई देते हैं।
राजस्थान में शहरी स्थानीय निकायों में वोटिंग 9 और 11 सितंबर को होगी। वोटों की गिनती 14 सितंबर को होगी।
जेएमसी में 2020 के चुनाव में क्या हुआ था?
अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने जेएमसी को दो हिस्सों में बांट दिया था। इनमें 150 सीटों वाली जेएमसी ग्रेटर और 100 सीटों वाली जेएमसी हेरिटेज शामिल थे। नवंबर 2020 में इन दोनों निकायों में चुनाव हुए थे। तब बीजेपी ने पुराने शहर वाले इलाके जेएमसी हेरिटेज से 13 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया था, जबकि जेएमसी ग्रेटर से सिर्फ एक मुस्लिम उम्मीदवार शाहनवाज अंसारी को मैदान में उतारा था। 2020 में बीजेपी के केवल एक मुस्लिम उम्मीदवार को जीत मिली थी। उनका नाम रईस कुरैशी है और वह वार्ड 88 से जीते थे। कांग्रेस ने जेएमसी हेरिटेज में चुनाव जीता था, वहीं बीजेपी को जेएमसी ग्रेटर में जीत मिली थी।
दिसंबर, 2023 में राजस्थान की सत्ता में आने के बाद बीजेपी सरकार ने अक्टूबर 2025 में दोनों नगर निगमों को फिर से मिलाकर 150 सदस्यों वाला जयपुर नगर निगम बना दिया।
यह भी पढ़ें- मोहसिन रजा को मिली बड़ी जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मोहसिन रजा को राज्य अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष बनाया है। मोहसिन रजा उत्तर प्रदेश में बीजेपी के प्रमुख मुस्लिम चेहरों में शामिल हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
