हैदराबाद के सईदबाद इलाके में एक प्राइवेट स्कूल में होमवर्क में छात्र से कलमा और फातिह पढ़वाने के मामले पर विवाद बढ़ता जा रहा है। भाजपा ने इस मुद्दे को मजबूती से उठाया है। तेलंगाना भाजपा नेता माधवी लता ने कहा कि यह कोई नई घटना नहीं है। ऐसा कई बार हो चुका है। वहीं, तेलंगाना बीजेपी के नेता अंडेला श्रीरामुलु यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया।

न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए भाजपा नेता माधवी लता ने कहा, “सक्सेस स्कूल में जो हुआ वह कोई नई बात नहीं है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। उसके माता-पिता ने खुद मीडिया के सामने बताया है कि इससे पहले भी कई बार जबरदस्ती किया गया है, लेकिन अब तो हद पार हो गई है, क्योंकि अब डायरी में लिखवाकर क्लास में पढ़ाना शुरू हो गया है।”

माधवी लता ने कहा कि इससे एक बात साबित होती है कि इस मुद्दे को छोटा बनाकर खत्म करना चाहते हैं। इसलिए टीचर को नौकरी से निकाल दिया। लता ने सवालिया लहजे में कहा कि आप बताइए कि अगर ऐसा कई बार सक्सेस स्कूल में हो चुका है तो क्या आपको नहीं लगता कि सक्सेस स्कूल के मैनेजमेंट के बिना एक गरीब मुस्लिम महिला ऐसा कर पाएगी। उन्होंने कहा कि उसे नहीं पता कि यह संविधान के विरोध में जाने वाली बात है। नौकरी जाएगी तो उसके परिवार के सामने दिक्कत होगी।

लता ने कहा कि यह टीचर की प्रॉब्लम नहीं थी, बल्कि टीचर को भी यहां टॉरगेट किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे गरीब मुसलमानों को इस्तेमाल करना सक्सेस स्कूल जैसे मैनेजमेंट काम करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग यह भी करते हैं कि वहां के गरीब हिंदू परिवारों को छूट देते हैं, फ्री यूनिफॉर्म देते हैं क्यो? उन्होंने कहा कि आप अगर एक गरीब के प्रति अच्छा मन और सोच विचार रखते हो तो बहुत अच्छी बात है। हम भी तारीफ करेंगे।

उन्होंने कहा कि लेकिन इनको छाल बिछाना है, स्कूल के अंदर बच्चों को लेना है। लता ने कहा कि शायद आपको नहीं पता है कि वहां एक हिंदू पुरुष को प्रधानाचार्य रखा गया है, क्योंकि उनको देखकर हिंदू बच्चे आएंगे और उनका धर्म परिवर्तन करवा सकें। उनसे कलमा पढ़वा सकें। उन्होंने कहा कि सक्सेस एक ऐसा स्कूल है जहां पर इस्लामिक शिक्षा दी जा रही है, आप दीजिए, लेकिन दूसरे धर्म के ऊपर नहीं थोप सकते।

भाजपा नेता ने कहा कि अगर यह मामला छोटा लगता है तो मैं सक्सेस स्कूल के चेयरमैन से कहती हूं आप भी टीका लगा लो, भगवा शाल ओढ़ लो, मेरे साथ जयश्रीराम बोलो, मेरे साथ आप भी भागवत गीता पढ़ो।

माधवी लता ने कहा कि यह अब और नहीं चलेगा। यह कौन लोग हैं, इसकी फंडिंग कहां से आ रही है। इसकी तहकीकात करनी ही पड़ेगी। लता ने इसके साथ ही कहा कि गरीब मुस्लिम टीचर को नौकरी से निकालना कोई मर्दानगी नहीं है। उन्होंने तेलंगान सरकार से स्कूल की मान्यता रद्द करने की अपील की। साथ ही कहा कि स्कूल मैनेजमेंट की वजह से बच्ची को भी टॉर्चर झेलना पड़ा उसके माता-पिता भी परेशान हुए और टीचर को भी नौकरी से निकाल दिया गया।

भाजपा के वरिष्ठ नेता एन रामचंदर राव ने भी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया कि इस मामले को एक अलग घटना के रूप में नहीं देखा जा सकता है। राव ने कहा, “यह एक गंभीर मुद्दा है जहां सरकार को तुष्टीकरण का सहारा लिए बिना हस्तक्षेप करना चाहिए और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। शिक्षक को बर्खास्त करना पर्याप्त नहीं है। सरकार को स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।”

इसी बीच, अखिल भारतीय इमाम संघ के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कथित नियुक्ति की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां अनावश्यक रूप से सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने कहा कि ये ऐसे कृत्य हैं जो अनावश्यक नफरत को बढ़ावा देते हैं। सवाल यह है कि आप किसी गैर-मुस्लिम से कुरान की आयतें, अज़ान या कलमा क्यों पढ़वाएंगे? मेरा मानना ​​है कि ऐसी चीजें जानबूझकर टीवी पर सुर्खियां बटोरने और कुछ दिनों तक खबरों में बने रहने के लिए की जाती हैं।

एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा कि उन्हें सभी विवरणों की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने बताया कि स्कूल ने शिक्षक के खिलाफ पहले ही कार्रवाई कर दी है। पठान ने कहा कि मेरी जानकारी के अनुसार, एक शिक्षक ने एक छात्र को घर से काम करने को दिया, जिसके कारण विवाद उत्पन्न हुआ। इसके बाद, विद्यालय प्रशासन ने शिक्षक की बर्खास्तगी की पुष्टि की और अनुरोध किया कि इस मामले को हिंदू-मुस्लिम नजरिए से न देखा जाए, बल्कि शांतिपूर्ण ढंग से निपटाया जाए, साथ ही यह भी बताया कि उचित कार्रवाई की जा रही है।

हैदराबाद पुलिस के अनुसार, कक्षा में एक हिंदू छात्र सहित 25 विद्यार्थी थे। आरोप है कि शिक्षक ने पूरी कक्षा को घर से काम करने के लिए कलमा और सूरह फातिहा पढ़ने का निर्देश दिया था, जिसके बाद हिंदू छात्र के माता-पिता ने स्कूल प्रबंधन और पुलिस दोनों से संपर्क किया।

पुलिस उपायुक्त (चारमीनार जोन) खरे किरण प्रभाकर ने कहा कि यह कार्य शिक्षा नीति और स्कूल की आंतरिक नीति दोनों का उल्लंघन था। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने शिक्षक को बर्खास्त कर दिया है। माता-पिता ने की गई कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है और कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है। पुलिस ने स्कूल के पास हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद 30 से अधिक लोगों को एहतियाती हिरासत में लिया और जनता से अफवाहें या सांप्रदायिक नफरत न फैलाने की अपील की।

आरोप: दूसरी क्लास के हिंदू बच्चे को होम वर्क में ‘कलमा और फातिहा’ याद करने को दिया, बवाल बढ़ने पर स्कूल ने महिला टीचर को निकाला

हैदराबाद के एक प्राइवेट स्कूल की महिला टीचर द्वारा कक्षा दो में पढ़ने वाले छात्रों को कथित रूप से होमवर्क में कलमा और फातिहा पढ़ने के लिए कहा गया। इस मामले के सामने आने के बाद तेलंगाना बीजेपी के नेता अंडेला श्रीरामुलु यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया। पढ़ें पूरी खबर।