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व्यापमं घोटाले में एक और रहस्यमय मौत

मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले से जुड़े कई लोगों की रहस्यमयी मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। इसी कड़ी में रविवार सुबह एक डाक्टर अरुण शर्मा की दिल्ली के कापसहेड़ा इलाके के एक होटल में संदिग्ध हालत में मौत हो गई।

Author Updated: July 6, 2015 1:10 PM

मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले से जुड़े कई लोगों की रहस्यमयी मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। इसी कड़ी में रविवार सुबह एक डाक्टर अरुण शर्मा की दिल्ली के कापसहेड़ा इलाके के एक होटल में संदिग्ध हालत में मौत हो गई। अरुण शर्मा जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कालेज के डीन थे। वे इस घोटाले के सिलसिले में अपने कॉलेज के दाखिलों में हुई अनियमिततताओं और फर्जी परीक्षार्थियों की जांच कर रहे थे और घोटाले की जांच कर रही स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के सामने कई बार हाजिर हो चुके थे।

रविवार सुबह होटल के स्टाफ ने उन्हें जगाने के लिए घंटी बजाई लेकिन जवाब नहीं आने के बाद कमरे में देखा तो वे मृत पाए गए। इलाके के संयुक्त आयुक्त दीपेंद्र पाठक का कहना है कि बेड के पास ही शराब की बोतल रखी थी। शरीर पर किसी तरह का कोई निशान नहीं था। फोरेंसिक विभाग ने कमरे से नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। पुलिस के मुताबिक पहली नजर में यह प्राकृतिक मौत लग रही है। लेकिन सभी कोण से जांच की जा रही है।

इस मामले में भी संभावित साजिश की अटकलें इसलिए लग रही हैं क्योंकि घोटाले में हुई कई मौतों के अलावा, अरुण शर्मा जबलपुर मेडिकल कॉलेज के दूसरे डीन हैं जिनकी रहस्यमयी मौत पिछले एक साल में हुई है। शर्मा से पहले डीके सकाले की मौत हुई थी। सकाले भी दाखिले में हुई कथित अनियमितताओं की जांच कर रहे थे। उनका शव अपने आवास पर जली हुई अवस्था में पाया गया था। मध्य प्रदेश पुलिस ने उस वक्त कहा था कि सकाले ने खुदकुशी की है।

शनिवार को ही दिल्ली के एक निजी टेलीविजन चैनल के पत्रकार अक्षय सिंह की उस समय मौत हो गई जब वे व्यापमं घोटाले के सिलसिले में एक छात्रा नम्रता दामोर के पिता का साक्षात्कार लेने झाबुआ गए थे। नम्रता का नाम व्यापमं घोटाले में सामने आया था और बाद में उनकी भी संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी।

पुलिस के मुताबिक डा. अरुण शर्मा ने शनिवार को कापसहेड़ा इलाके के उप्पल नामक होटल में कमरा नंबर 234 बुक किया था। सुबह उन्हें अगरतला की फ्लाइट पकड़नी थी। इसके लिए उन्होंने होटल स्टाफ से कहा था कि उन्हें तड़के साढ़े चार बजे उठा दिया जाए। डा. शर्मा के कहने के मुताबिक रविवार सुबह होटल स्टाफ ने उन्हें जगाने के लिए वेकअप काल भी किया। फोन नहीं उठाने पर दरवाजा खटखटाया गया।

कोई जवाब नहीं मिलने पर होटल स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्काल दरवाजा तोड़कर देखा तो पाया कि डा. अरुण कमरे में बेड पर लेटे हुए थे। बेड के पास ही शराब की बोतल रखी थी। शरीर पर किसी तरह का कोई निशान नहीं था। शर्मा ने उल्टी की थी और ऐसे संकेत मिले हैं कि उन्होंने बहुत अधिक शराब पी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर फोरेंसिक टीम को बुलाया और वहां से नमूने जमा कर जांच के लिए भेजे। अरुण शर्मा की मौत की जानकारी उनके परिजनों को दे दी गई है। बताया गया है कि 64 साल के शर्मा एमसीआइ इंस्पेक्शन के लिए अगरतला मेडिकल कालेज जा रहे थे। इस दौरान वे दिल्ली में ठहरे थे।

इस बीच भारतीय चिकित्सा संघ (आइएमए) के जबलपुर जिले के अध्यक्ष सुधीर तिवारी ने कहा, ‘डॉक्टर शर्मा दिल्ली में अपने होटल के कमरे में मृत पाए गए। हम उनकी मौत से सकते में है। वह डॉक्टर सकाले के बहुत करीब थे।’ तिवारी ने दावा किया कि शर्मा सकाले की शोकसभा में रो पड़े थे और दावा किया था कि सकाले खुदकुशी नहीं कर सकते।

उन्होंने कहा, ‘मुझे संदेह है कि शर्मा की भी हत्या की गई होगी।’ तिवारी ने कहा कि उन्हें दो दिन पहले पता चला था कि डीन ने व्यापमं से संबंधित रिपोर्ट मामले की जांच कर रही एसटीएफ को सौंप दी। उधर शर्मा की मौत पर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया, ‘जबलपुर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉक्टर अरुण कुमार शर्मा दिल्ली के होटल में मृत पाए गए। उनके पिता एनके शर्मा मंत्री, सांसद और एमपीसीसी के अध्यक्ष थे।’ सिंह ने कहा, ‘वह (सकाले) व्यापमं के जरिए मेडिकल कॉलेज में अनियमित दाखिलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहे थे। किसी सरकार ने नहीं कहा कि यह आत्महत्या का मामला है।’

 

साजिश की अटकलें

डा. अरुण शर्मा घोटाले के सिलसिले में अपने कॉलेज के दाखिलों में हुई अनियमिततताओं और फर्जी परीक्षार्थियों की जांच कर रहे थे। वे जबलपुर मेडिकल कॉलेज के दूसरे डीन हैं जिनकी संदिग्ध मौत पिछले एक साल में हुई है। शर्मा से पहले डीके सकाले की मौत हुई थी। सकाले भी दाखिले में गड़बड़ियों की जांच कर रहे थे।

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