Delhi Building Collapse Tragedy: दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को अचानक धमाके के बाद आसपास की इमारतों में रहने वाले लोग अपने घरों से बाहर निकले तो उन्हें छात्रों से गुलजार रहने वाले पीजी की जगह मलबे का ढेर नजर आया और एक बिल्डिंग धर-धरा कर गिर गई जिसमें कई लोगों के हताहत होने की खबर है।
दिल्ली पुलिस के साथ काम करने वाले स्थानीय निवासी राजेन छेत्री ने बताया कि इमारत में करीब 15 कमरे थे और प्रत्येक कमरे में दो से तीन छात्र रहते थे। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि हमें अपने घर में हल्का झटका महसूस हुआ। ऐसा लगा जैसे जमीन हिल गई हो, जैसे भूकंप आया हो।
खुद मदद करने को दौड़े भागे लोग
एक चश्मदीद ने कहा कि हम बाहर भागे। उन्होंने दावा किया कि तत्काल कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों ने खुद भारी कंक्रीट के स्लैब उठाने और मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया तथा अंदर फंसे लोगों की तलाश की। स्थानीय निवासी ने दावा किया कि बगल की इमारत भी खतरे में दिखाई दे रही थी और वह थोड़ी झुकी हुई थी।
एक अन्य स्थानीय निवासी ने बताया कि ऊपरी मंजिलों पर करीब 35 से 40 छात्र रह रहे थे और इमारत ढहने के समय उनमें से कुछ सो रहे थे। उन्होंने दावा किया कि बेसमेंट में काम चल रहा था और वह ढहने से कुछ मिनट पहले ही बाहर निकल पाए थे, इस दौरान उन्हें चोट भी आई।
बाल-बाल बचे कई लोग
चश्मदीद ने कहा कि जैसे ही मैं बाहर आया, पूरी इमारत ढह गई। एक अन्य स्थानीय निवासी ने बताया कि उसका भतीजा इमारत ढहने से कुछ ही क्षण पहले बाइक से वहां से निकल गया था और बाल-बाल बचा। उन्होंने दावा किया कि उसके गुजरने के तुरंत बाद तेज आवाज के साथ इमारत ढह गई। उनके अनुसार, भतीजे ने कहा था, यह कुछ सेकंड का मामला था।
रविवार होने से ‘पीजी’ में थे कई छात्र
एक अन्य स्थानीय निवासी ने बताया कि मलबे में फंसे कई छात्रों के केरलम से होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि रविवार होने के कारण कई छात्र कालेज नहीं गए थे और पीजी में ही मौजूद थे। इलाके में रहने वाली प्रियंका ने बताया कि इलाके में इमारतें पांच या छह मंजिल तक बनाई जा रही हैं। प्रियंका ने कहा कि यहां नालियां और सीवर तक खुले हैं। इमारत के अंदर कई छात्र फंसे हुए थे। बारिश हो रही थी, इसलिए अधिकतर छात्र अपने कमरों में थे, जबकि कुछ सप्ताहांत होने के कारण घर चले गए थे।
एक अन्य स्थानीय निवासी ने कहा कि इलाके की इमारतें काफी पुरानी हैं और ऐसी सभी संपत्तियों की संरचनात्मक जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इस आवासीय इलाके में बेसमेंट के साथ पांच मंजिला इमारतें बनाई गई हैं और सवाल किया कि क्या ऐसी संरचनाओं के निर्माण की अनुमति दी जानी चाहिए थी।
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दिल्ली के सत्य निकेतन में एक पांच मंजिला बिल्डिंग गिर गई। रेस्क्यू का काम अभी भी चल रहा है। इसमें 6 छात्रों की मौत बताई जा रही है जबकि 11 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। मामले की जांच शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि बिल्डिंग के बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर रिपेयर का काम चल रहा था, जो कथित तौर पर बिना इजाजत किया जा रहा था। बिल्डिंग में कोई सेफ्टी चेक भी नहीं था। साथ ही इमरजेंसी एग्जिट का कोई रास्ता भी नहीं था। इन सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। पढ़िए पूरी खबर…
