कांग्रेस के लिए काम करने वाली कंपनी पर IT का छापा, मिली बेहिसाब संपत्ति

आयकर विभाग ने कांग्रेस के लिए कई राज्यों में चुनाव प्रबंधन का काम संभाल रही कंपनी के कई ठिकानों पर छापेमारी की जहां बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई हैं।

I-T-raid
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

आयकर विभाग ने कांग्रेस के लिए कई राज्यों में चुनाव प्रबंधन का काम संभाल रही कंपनी के कई ठिकानों पर छापेमारी की जहां बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। IT विभाग के अनुसार डिजिटल मार्केटिंग करने वाली कंपनी डिजाइन बॉक्स क्रिएटिव प्राइवेट लिमिटेड के चंडीगढ़, मोहाली, सूरत और बेंगलुरु स्थित कुल सात ठिकानों की तलाशी ली गई, इसके अलावा एक होटल के कमरे की तलाशी भी ली गई जहां कंपनी के एमडी ठहरे हुए थे। विभाग ने 12 अक्टूबर को छापेमारी की कार्रवाई कई राज्यों में की।

I-T विभाग के सूत्रों के अनुसार ये कंपनी कांग्रेस के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इलेक्शन कैंपेनिंग का काम कर रही थी। यह कंपनी कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डीके शिवकुमार के लिए काम कर रही थी। विभाग का दावा है कि कंपनी ने टैक्स चोरी के इरादे से राजस्व को कम और खर्चों को जानबूझकर बढ़ा चढ़ाकर दिखाया है, इसके अलावा बेहिसाब नकद ट्रांजेक्शन भी किया गया है।

छापेमारी में पाया गया है कि कंपनी के निदेशकों ने अपने पर्सनल खर्चों को भी कंपनी के खर्च के रूप में दर्ज किया था। यहां देखा गया कि कंपनी के कर्मचारियों और एंट्री ऑपरेटर के नाम पर लग्जरी गाड़ियां खरीदीं थी, जिसका इस्तेमाल निदेशकों के परिवार के लोग कर रहे थे। एंट्री ऑपरेटर ने हवाला ऑपरेटरों के जरिए ग्रुप को नगदी और बिना लेखाजोखा वाली इनकम ट्रांस्फर करने की बात स्वीकार की है।

इसके अलावा एक और कंपनी पर छापेमारी की गई। यह कंपनी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के काम से जुड़ी हुई है। सीबीडीटी के बयान में कहा गया है कि इस बात के सबूत मिले हैं जो साफ कर रहे हैं कि यह ग्रुप खर्चे और उपठेके के फर्जी बिल के काम कर रहा था।

शुरुआती अनुमान के मुताबिक इस तरह करीब 70 करोड़ रूपये के फर्जी खर्चे दिखाए गए है। सीबीडीटी ने कहा कि बिना हिसाब-किताब के करीब सात करोड़ रूपये का संपत्ति में निवेश का पता चला है। इसके अलावा बिना लेखाजोखा वाले 1.95 करोड़ नकद और 65 लाख रूपये के गहने जब्त किए गए हैं।

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

Next Story
आरटीआइ के तहत सूचना मांगने की वजह बताएं: मद्रास हाई कोर्ट1975 LN Mishra Murder Case
अपडेट