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IIT-JEE में सफल छात्रों में केवल 14% लड़कियां, 35वें स्थान पर रहीं राम्या नारायणस्वामी लड़कियों में टॉपर

रविवार को आए नतीजों में चंडीगढ़ के सर्वेश मेहतानी ने टॉप किया। पुणे के अक्षत चुग ने दूसरा स्थान हासिल किया। दिल्ली के अनन्य अग्रवाल तीसरे स्थान पर रहे।

JEE Advanced Result 2017: 1.7 लाख छात्र इसमें शामिल हुए थे। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

रविवार (11 जून) को देश के सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग कॉलेजों आईआईटी की प्रवेश परीक्षा के नतीजे आए और इनसे एक बार फिर देश में लड़के और लड़कियों के बीच खाई सामने आ गई। न केवल आईआईटी की परीक्षा देने बल्कि उसमें उत्तीर्ण होने के मामले में भी लड़के और लड़कियों की संख्या में बड़ा अंतर दिखा। इस साल आईआईटी समेत अन्य प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश लेने के लिए चुने गए इन बच्चों में 86 प्रतिशत लड़के रहे। जहां 43,318 लड़के अंतिम तौर पर आईआईटी-जेईई परीक्षा में सफल रहे, वहीं केवल 7137 लड़कियां (करीब 14 प्रतिशत) इस प्रतिष्ठित परीक्षा को पास कर सकीं।

आईआईटी-जेईई प्रवेश परीक्षा से देश के 23 आईआईटी एवं अन्य प्रौद्योगिकी संस्थानों की करीब 10 हजार सीटों के लिए छात्रों का चयन किया जाता है। रविवार को आए नतीजों में चंडीगढ़ के सर्वेश मेहतानी ने टॉप किया। पुणे के अक्षत चुग ने दूसरा स्थान हासिल किया। दिल्ली के अनन्य अग्रवाल तीसरे स्थान पर रहे। हैदराबाद की राम्या नारायणस्वामी मेरिट लिस्ट में 35वें स्थान के साथ लड़कियों में सबसे अव्वल रहीं। आईआईटी-जेईई (एडवांस्ड) परीक्षा में सफल कुल 50,455 छात्रों में से आईआईटी मद्रीस जोन में सर्वाधिक 10240 छात्र सफल घोषित किये गये।

दूसरे नंबर पर आईआईटी बॉम्बे जोन रहा जहां से 9893 छात्र सफल घोषित किए। आईआईटी-जेईई परीक्षा के लिए देश को सात अलग-अलग जोन में बांटकर परीक्षा ली जाती है। तीसरे स्थान पर 9207 छात्रों के साथ दिल्ली जोन रहा। कानपुर जोन के 6809, रुड़की जोन के 5050 और गुवाहाटी जोन के 3118 छात्रों को सफल घोषित किया गया। आईआईटी की टॉपर लिस्ट में दिल्ली जोन और रुड़की जोन के तीन-तीन छात्र हैं। वहीं टॉप 100 में सबसे ज्यादा छात्र दक्षिण भारतीय जोन के हैं।

केवल परीक्षा सफल होने ही नहीं बल्कि इसमें शामिल होने के मामले में भी लड़कियां पीछे रहीं। करीब 2.20 लाख छात्र आईआईटी-जेईई की परीक्षा देने के पात्र थे जिनमें से 1.72 लाख छात्रों ने “एडवांस्ड” (परीक्षा का दूसरा चरण) के लिए नामांकन कराया था। इन 1.72 लाख में से 1.59 लाख ने परीक्षा दी थी। आईआईटी में 1000 सीटें विदेशी छात्रों के लिए थीं लेकिन कुल 598 छात्रों ने ही एडवांस्ड परीक्षा के लिए नामांकन कराया जिनमें से केवल 109 ही परीक्षा में शामिल हुए और सात ने सफलता हासिल की।

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