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क्या ‘सत्यमेव जयते’ कहना मुश्किल नहीं होता जा रहा है- मोहम्मद जुबैर के बेल विवाद पर बोले मनोज झा, जानें क्या है पूरा मामला

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर को धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में 27 जून 2022 को गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस ने सेक्शन 153 A और 295A के तहत मोहम्मद जुबैर को गिरफ्तार किया था।

क्या ‘सत्यमेव जयते’ कहना मुश्किल नहीं होता जा रहा है- मोहम्मद जुबैर के बेल विवाद पर बोले मनोज झा, जानें क्या है पूरा मामला
मोहम्मद जुबैर को मिली जमानत (फोटो- पीटीआई)

2018 के एक ट्वीट को लेकर फैक्ट-चेकिंग वेबसाइट ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में शनिवार (2 जुलाई) को कोर्ट ने ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक की जमानत की अर्जी खारिज कर दी और मोहम्मद जुबैर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं। RJD सांसद मनोज झा ने मोहम्मद जुबैर के बेल विवाद पर कहा कि क्या ‘सत्यमेव जयते’ कहना मुश्किल नहीं होता जा रहा है?

मनोज झा ने ट्विटर पर लिखा, “जिन्हें जानकारी हो वो बताएं कि आज से पूर्व कभी ऐसा हुआ था माननीय न्यायाधीश के आदेश से डेढ़ घंटे पूर्व पुलिस अधिकारियों ने सटीक निर्णय पहले सुना दिया था। एकदम ‘सेम टू सेम’। क्या ‘सत्यमेव जयते’ कहना मुश्किल नही होता जा रहा है?”

पुलिस ने मीडिया को दी थी जानकारी: दरअसल, कोर्ट के ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक की जमानत अर्जी खारिज करने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने यह जानकारी मीडिया में दे दी थी। मोहम्मद जुबैर के वकील सौदिक बनर्जी ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा, “दिल्ली पुलिस ने कोर्ट का फैसला आने से पहले ही मीडिया में लीक कर दिया था। जिसके बाद कोर्ट ने जुबैर की जमानत याचिका खारिज कर उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।”

वकील ने लगाए आरोप: मोहम्मद जुबैर के वकील ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया, “कोर्ट की सुनवाई चल रही थी और लंच ब्रेक हुआ था। जज अपना फैसला सुरक्षित रख चुके थे, लेकिन उनके लंच से वापस आने के पहले ही डीसीपी केपीएस मल्होत्रा ने मीडिया में ये जानकारी लीक कर दी।” जिसके बाद के बाद सफाई देते हुए डीसीपी मल्होत्रा ने कहा कि उन्होंने मीडिया को गलत तरीके से सूचित किया था कि ऑल्ट न्यूज के मोहम्मद जुबैर को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

पीटीआई ने भी ट्वीट कर इस मामले में पूरी जानकारी दी है। पीटीआई ने ट्वीट कर कहा, “दिल्ली पुलिस के डीसीपी केपीएस मल्होत्रा ​​का कहना है कि उन्होंने मीडिया को गलत तरीके से सूचित किया कि ऑल्टन्यूज के मोहम्मद जुबैर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।”

पुलिस ने जोड़ी तीन नई धाराएं: जुबैर पर दिल्ली पुलिस ने तीन नई धाराएं और लगाई हैं। इसमें विदेशों से चंदा लेने के आरोप में 35 FCRA और IPC 201, 120(B) के साथ सबूत मिटाने (फोन फॉर्मेट और ट्वीट डिलीट करने), साजिश रचने से जुड़ी नई धाराएं लगाई हैं। पुलिस ने जुबैर का मोबाइल फोन और हार्ड डिस्क जब्त कर लिया है। दिल्ली पुलिस ने जुबैर की बैंक डिटेल ईडी को सौंपी है, जिसमें विदेशों से पैसे आने की जानकारी है। ED को दिल्ली पुलिस ने 29 जून को Pravda foundation ICICI बैंक की डिटेल्स दी है। इस खाते में पिछले तीन महीने 56 लाख रुपए आए हैं, जो करीब चार हजार लोगों ने भेजे हैं। सूत्रों का कहना है कि अकाउंट में पाकिस्तान और सऊदी से भी पैसे आए हैं।

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