पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की हार ने पार्टी के खिलाफ एक निराशा की एक नई लहर पैदा कर दी है। टीएमसी के कई नेताओं ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर तंज कसा है। इस बार पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के संकटमोचक और कभी ममता बनर्जी के वफादार रहे पार्थ चटर्जी ने पार्टी प्रमुख और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी की तीखी आलोचना की है।

पार्थ चटर्जी ने कहा कि ममता बनर्जी ने भ्रष्टाचार के सभी मामलों को नजरअंदाज किया। इस परिणाम के लिए ममता और अभिषेक बनर्जी दोनों जिम्मेदार हैं। पूर्व पार्टी महासचिव ने आगे कहा कि टीएमसी जनता से कट गई है। चटर्जी ने एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू में यह बात कही।

चटर्जी ने आगे बताया कि चुनाव के बाद पार्टी को जनता के फैसले को स्वीकार करने में परेशानी हुई। चटर्जी के अनुसार, अभिषेक बनर्जी की कमियों की सूची काफी लंबी थी। उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी ने टीएमसी की राजनीतिक संस्कृति को बदलने की कोशिश की। चुनाव प्रचार के दौरान अभिषेक बनर्जी ने जिस तरह से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हमला किया, वह स्वीकार्य नहीं था। यह बंगाल की राजनीतिक संस्कृति के खिलाफ है। यह अपमानजनक था, लेकिन पार्टी ने उन्हें नहीं रोका।

उन्होंने कहा कि पार्टी किसी के प्रशिक्षण का स्थान नहीं हो सकती। कोई भी एक दिन में नेता नहीं बन जाता। उसे संघर्ष के माध्यम से, लोगों का विश्वास और भरोसा जीतकर ही नेता बनना चाहिए।

बता दें, ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को पार्टी प्रमुख ने 2011 में अखिल भारतीय तृणमूल युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया था। जून 2021 में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया। वर्तमान में वे लोकसभा में पार्टी के नेता हैं। अभिषेक बनर्जी इसी तीव्र पदोन्नति ने ममता बनर्जी के करीबी रहे अधिकांश वरिष्ठ पार्टी नेताओं को उनसे दूर कर दिया था। 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले, इसने भाजपा की ओर झुकाव को बढ़ावा दिया था। हालांकि पार्टी की शानदार जीत के बाद कुछ नेता अंततः तृणमूल में वापस आ गए, लेकिन इस बार की हार ने एक और पलायन की शुरुआत कर दी है।

TMC सांसद काकोली घोष का आरोप- महिला सांसदों से अपमानजनक व्यवहार करते हैं कल्याण बनर्जी

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है। सत्ता बदलने के बाद अब तृणमूल कांग्रेस के भीतर भी दरारें खुलकर सामने आने लगी हैं। कभी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बेहद करीबी मानी जाने वाली टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने अब पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। काकोली घोष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखकर टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी की शिकायत कर उन पर कार्रवाई की मांग की है। पढ़ें पूरी खबर।