ताज़ा खबर
 

पेगासस स्पाइवेयर मामला: सरकार ने नागरिकों के गोपनीयता अधिकारों के संरक्षण की प्रतिबद्धता जताई

सरकार ने इस तथ्य को संज्ञान में लिया है कि एक स्पाइवेयर/मालवेयर ने कुछ व्हाट्सऐप प्रयोक्ताओं को प्रभावित किया है। व्हाट्सऐप के अनुसार, इस स्पाइवेयर का विकास इजराइल स्थित एनएसओ ग्रुप द्वारा किया गया है।

नई दिल्ली | November 20, 2019 4:40 PM
केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद। (फाइल फोटो)

सरकार ने बुधवार को कहा कि पेगासस स्पाइवेयर के जरिये इजराइल स्थित कंपनी द्वारा मोबाइल प्रयोक्ताओं तक सेंध के प्रयास की खबर से वह अवगत है लेकिन इस संबंध में कुछ मीडिया रिपोर्ट में कथित उल्लंघन को लेकर दिये गये बयान भारत सरकार की छवि को खराब करने का भ्रामक प्रयास हैं। लोकसभा में असादुद्दीन ओवैसी और सैयद इमत्याज जलील के प्रश्न के लिखित उत्तर में इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘‘नागरिकों की गोपनीयता की सुरक्षा के लिये इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक तैयार करने पर काम कर रहा है तथा इसे संसद के पटल पर प्रस्तुत करने का प्रस्ताव है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ सरकार ने इस तथ्य को संज्ञान में लिया है कि एक स्पाइवेयर/मालवेयर ने कुछ व्हाट्सऐप प्रयोक्ताओं को प्रभावित किया है। व्हाट्सऐप के अनुसार, इस स्पाइवेयर का विकास इजराइल स्थित एनएसओ ग्रुप द्वारा किया गया है।’’ उन्होंने कहा कि इसने पेगासस स्पाइवेयर के इस्तेमाल के जरिये दुनियाभर के लगभग 1400 प्रयोक्ताओं के मोबाइल तक पहुंचने का प्रयास किया है जिसमें 121 प्रयोक्ता भारत के शामिल हैं।

मंत्री ने कहा कि इस संबंध में मीडिया में आई रिपोर्टो के आधार पर कुछ बयान सामने आए हैं तथा इस कथित उल्लंघन के लिये भारत सरकार की छवि खराब करने के प्रयास पूर्णतया भ्रामक हैं। प्रसाद ने कहा कि सरकार नागरिकों के मौलिक अधिकारों के संरक्षण के लिये प्रतिबद्ध है जिसमें गोपनीयता का अधिकार शामिल है। सरकार कानून के प्रावधानों और निर्धारित प्रोटोकाल के अनुसार कठोर कार्रवाई करती है। हैंिकग, स्पाइवेयर आदि पर कार्रवाई करने के लिये सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम में पर्याप्त प्रावधान हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय कम्प्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल (सर्ट-इन) ने 17 मई 2019 को एक जोखिम नोट प्रकाशित किया जिसमें व्हाट्सऐप में जोखिम के संबंध में प्रयोक्ताओं को उपायों की सलाह दी गई है। इसके बाद 20 मई 2019 को व्हाट्सऐप ने सर्ट-इन को एक घटना की रिपोर्ट की जिसमें बताया गया कि व्हाट्सऐप ने एक कमजोरी का पता लगाया है जिससे कोई हमलावर मोबाइल उपकरणों में कोड डालकर इसे कार्यान्वित कर सकता है। इस कमजोरी को दूर कर दिया गया है। व्हाट्सऐप ने उपलब्ध सूचनाओं की समीक्षा करना जारी रखा है।

Next Stories
1 विचारः सोच की शक्ति
2 जूट और बांस के सामान बने मेले की शान
ये पढ़ा क्या?
X