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‘2012 में लॉन्च होना था चंद्रयान-2, पर UPA-2 के चलते हुई देर’, पूर्व ISRO चीफ का बयान

जी माधवन नायर के नेतृत्व में ही चंद्रयान-1 मिशन लॉन्च किया गया था। चंद्रयान-1 मिशन साल 2008 में अंतरिक्ष में लॉन्च किया गया था। जी. माधवन नायर ने साल 2003 से लेकर 2009 तक इसरो (ISRO) के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभायी थी।

Author नई दिल्ली | June 14, 2019 10:18 AM
इसरो के पूर्व निदेशक जी. माधवन नायर। (image source-ani)

अंतरिक्ष में भारत की महत्वकांक्षी योजना चंद्रयान-2 लॉन्चिंग के लिए तैयार है। इसरो के अध्यक्ष डॉ. के सिवन ने बुधवार को बताया कि 15 जुलाई को चंद्रयान-2 मिशन लॉन्च किया जाएगा। अब चंद्रयान-2 को लेकर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष जी माधवन नायर का बयान आया है। अपने इस बयान में नायर ने चंद्रयान- मिशन में देरी के लिए यूपीए-2 सरकार पर आरोप लगाए हैं। जी माधवन नायर ने न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में कहा है “चंद्रयान-2 मिशन साल 2012 में लॉन्च किया जाना था, लेकिन तत्कालीन यूपीए-2 सरकार के पॉलिसी संबंधी फैसलों के चलते इसमें देरी हुई। माधवन ने कहा कि जब मोदी जी सत्ता में आए तो उन्होंने विभिन्न प्रोजेक्ट्स जैसे गगनयान और चंद्रयान आदि को गति दी।”

बता दें कि जी माधवन नायर के नेतृत्व में ही चंद्रयान-1 मिशन लॉन्च किया गया था। चंद्रयान-1 मिशन साल 2008 में अंतरिक्ष में लॉन्च किया गया था। जी. माधवन नायर ने साल 2003 से लेकर 2009 तक इसरो (ISRO) के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभायी थी। बीते साल अक्टूबर में जी माधवन नायर ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। वहीं जी. माधवन नायर के इस बयान पर कांग्रेस पार्टी ने भी पलटवार किया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के अनुसार, कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने एक बयान में जी. माधवन नायर के बयान की आलोचना करते हुए कहा है कि “आपको कोई हक नहीं है सरकार की आलोचना करने का, आप एक वैज्ञानिक हैं, हमारे संविधान में आपको मान-सम्मान दिया गया है। सिर्फ इसलिए कि एक पार्टी अब सत्ता से बाहर है या एक सत्ता में है तो आप ऐसी बातें कर रहे हैं। कल जब हमारी पार्टी सत्ता में आएगी तो कोई और वैज्ञानिक कांग्रेस के नाम की बांसुरी बजाएगा और कहेगा कि चीजों में भाजपा की वजह से देरी हुई।”

चंद्रयान-2 की बात करें तो 15 जुलाई को तड़के करीब 3 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्पेस स्टेशन से लॉन्च किया जाएगा। यह यान 6 या 7 सितंबर को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा। मिशन के सफल होने के बाद भारत, चांद की सतह पर लैंड करने वाला चौथा देश बन जाएगा। इससे पहले अमेरिका, रुस और चीन के यान चांद की सतह पर उतर चुके हैं। हालांकि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अभी तक किसी भी देश का यान नहीं उतरा है। चंद्रयान-2 मिशन की कमान दो महिला डायरेक्टर के हाथों में है। ये महिला वैज्ञानिक हैं एम. वनिता और रितु करिधाल। एम. वनिता चंद्रयान-2 मिशन की प्रोजेक्ट डायरेक्टर हैं, वहीं रितु करिधाल मिशन डायरेक्टर हैं।

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