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Chandrayaan 2 की ‘हार्ड लैंडिंग’ के बाद दुखी ISRO चीफ को नरेंद्र मोदी ने दे दी थी ‘जादू की झप्पी’, अब के.सिवन ने बताया- गले लगने से मिली थी…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु स्थित स्पेस सेंटर के बाहर इसरो प्रमुख के सिवन को गले लगा लिया था। यह तस्वीर काफी तेजी से वायरल हुई थी और लोगों ने इसकी काफी तारीफ की थी।

के सिवन को गले लगाते पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के प्रमुख के सिवन ने कहा कि वह एक “बड़ी राहत” थी जब सितंबर में चंद्रयान 2 लैंडर विक्रम के साथ अंतरिक्ष एजेंसी के संपर्क टूटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें गले लगाया था। इस क्षण की तस्वीर सोशल मीडिया तेजी से वायरल हो गई थी और लोगों ने इसकी काफी तारीफ की थी। इस तस्वीर में पीएम मोदी ने सिवन को गले लगाते और थपथपाते हुए दिख रहे थे। यह तस्वीर बेंगलुरु स्थित इसरो मुख्यालय की थी। लैंडर से संपर्क टूटने के बाद सिवन काफी दुखी थे।

एनडीटीवी से बात करते हुए के सिवन ने कहा, “जब मैं भावनात्मक रूप से पूरी तरह टूट गया था तब पीएम मोदी ने मुझे गले लगाया। उन्होंने समझा कि मेरे दिमाग में क्या हो रहा है। उन्होंने नेतृत्व दिखाया। उनके द्वारा गले लगाने से मैंने कई बातों को सीखा। यह बड़ी बात थी कि प्रधानमंत्री ने खुद मुझे सांत्वना दी। इससे मुझे काफी राहत मिली।”

सिवन ने आगे कहा, “इसने हमें एक और लक्ष्य दिया कि हमें और अधिक करना चाहिए। यही वह भावना है जो मेरे पास थी। हम अंतरिक्ष प्रणाली में अधिक से अधिक हासिल करने की तुलना में काफी दृढ़ता के साथ काम कर रहे हैं।” चंद्रयान 2, इसरो द्वारा घरेलू तकनीक के साथ चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग का प्रयास करने वाला पहला अभियान और भारत के खगोलीय पिंड का तीसरा मिशन था।

22 जुलाई को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा बेस पर शुरू हुई 3.84 लाख किलोमीटर की यात्रा के बाद लैंडर विक्रम को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सॉफ्ट लैंडिंग के लिए निर्धारित किया गया था। विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग को देखने के लिए पीएम मोदी ने 6 सितंबर की रात बेंगलुरु पहुंचे थे। लेकिन 7 सितंबर के शुरुआती घंटों में, इसके उतरने से पहले के क्षणों में इसरो ने चांद की सतह से सिर्फ 2.1 किलोमीटर ऊपर विक्रम से संपर्क खो दिया था।

भारत को उम्मीद थी कि विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग करा भारत ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश और चांद की दक्षिण ध्रुव पर ऐसा करने वाला पहला देश बन जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा लैंडर के साथ संपर्क खोने की पुष्टि किए जाने के बाद पीएम मोदी ने इसरो के वैज्ञानिकों को संबोधित किया और उनके “दृढ़ता और लगन” की प्रशंसा की थी। अपने भाषण के बाद पीएम मोदी ने इसरो प्रमुख को गले लगाया था।

अंतरिक्ष एजेंसी ने बुधवार को घोषणा की कि चंद्रयान -3, भारत का चंद्रमा के लिए तीसरा मिशन है। सरकार ने इसके लिए अनुमति दे दी है। सिवन ने कहा कि इसरो 2021 तक प्रक्षेपण का लक्ष्य रखेगा। इसरो प्रमुख ने कहा कि मौजूदा ऑर्बिटर का इस्तेमाल मिशन के लिए किया जाएगा और एक नई लॉन्च साइट का चयन किया जाएगा।

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