इस्लामी गणराज्य ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल के संयुक्त जंग पर फिलहाल दो हफ्तों का विराम लग गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि उन्होंने ईरान के साथ दो हफ्ते के युद्धविराम पर सहमति जताई है। यह फैसला तेहरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए दी गई उनकी समयसीमा खत्म होने से दो घंटे से भी कम समय पहले लिया गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने भी इस युद्धविराम को स्वीकार कर लिया है, जिससे दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव में फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। युद्ध के बीच इस सकारात्मक पहल से विश्वभर के लोगों ने राहत की सांस ली है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के ईरान को लेकर दिए गए बयान के बाद भारत के हैदराबाद में धार्मिक संगठन तनजीम-ए-जाफरी की ओर से विशेष नमाज का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर चिंता जताई गई।
आयोजकों ने बताया कि नमाज के दौरान ईरान के लोगों की सुरक्षा और देश की मजबूती के लिए दुआ की गई। साथ ही, क्षेत्र में शांति बनाए रखने और तनाव कम करने की भी अपील की गई। गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते दुनियाभर में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, सशर्त युद्ध विराम ने लोगों में सकारात्मक उम्मीदें जगाई हैं।
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर के साथ बातचीत के आधार पर उन्होंने ईरान पर होने वाले हमले को रोकने का फैसला किया है।
ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से अनुरोध किया गया था कि ईरान पर भेजी जा रही सैन्य कार्रवाई को रोका जाए। इसके साथ ही, शर्त रखी गई कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित तरीके से खोले। इस पर सहमति बनने के बाद उन्होंने दो सप्ताह के लिए ईरान पर बमबारी और हमलों को रोकने का निर्णय लिया, जिसे उन्होंने “दोतरफा युद्धविराम” बताया।
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका अपने सभी सैन्य उद्देश्यों को पूरा कर चुका है और ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति समझौते को लेकर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान की ओर से 10 बिंदुओं का प्रस्ताव मिला है, जिसे बातचीत के लिए एक व्यवहारिक आधार माना जा रहा है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच पहले के अधिकांश विवादित मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और यह दो सप्ताह का समय समझौते को अंतिम रूप देने में मदद करेगा। ट्रंप ने कहा कि मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है और लंबे समय से चल रही समस्या अब समाधान के करीब है।
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पेंटागन के पूर्व अधिकारी और अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट (AEI) के सीनियर फेलो माइकल रुबिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम पर टिप्पणी दी। उन्होंने कहा, “मुझे कोई समझौता होता नहीं दिख रहा है। ट्रंप के अल्टीमेटम अक्सर रेत पर पेंसिल से खींची गई लकीरों जैसे होते हैं।” पूरी खबर पढ़ें…
