ईरान के खिलाफ इजरायल और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभियान को शुरू हुए 1 महीने से ज्यादा समय बीत चुका है। इस बीच लेह के लोगों ने ईरान में युद्ध पीड़ितों के लिए डोनेशन और फंड इकट्ठा किया। इसी दौरान अंडे की एक क्रेट 25 हजार रुपये में नीलाम हुई। दान में मिले सामानों की रविवार को नीलामी की गई जिसमें एक अंडा 25 हजार रुपये में बिका।

ईरान के प्रभावितों के लिए लेह के किसी व्यक्ति द्वारा दान में दी गई मुर्गी ने रविवार सुबह एक अंडा दिया और नीलामी में इस अंडे को लेह के शब्बीर हुसैन ने 25 हजार रुपये में खरीदा। 25 हजार में अंडा खरीदने वाले स्थानीय निवासी शब्बीर हुसैन ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, “सब जानते हैं कि एक अंडे की कीमत 10 रुपये है। मैंने 25 हज़ार रुपये इसलिए नहीं दिए क्योंकि मेरे पास पैसे हैं। इससे हमें यह संदेश मिलता है कि ईरान में बच्चों पर कितना अत्याचार हो रहा है इसलिए मैंने उनके लिए 25 हज़ार रुपये दिए। हम अपनी जान देने को तैयार हैं। हम इस समुदाय के लिए जिए हैं। हमें अपने नेता के हर आदेश का पालन करना होगा। अभी तक हमारे नेता ने हमें कोई आदेश नहीं दिया है।”

इस दौरान आभूषण, कपड़े, फर्नीचर और नकद राशि समेत कई वस्तुओं की नीलामी कर धन जुटाया गया। इसमें स्थानीय लोगों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। आयोजकों ने बताया कि अमेरिकी कार्रवाई में ईरान में लोग बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। हम उनके लिए चंदा वसूल रहे हैं। ऐसी ही नीलामी आने वाले हफ्तों में भी होगी। इससे पहले नीलामी के दौरान एक व्यक्ति ने दान में मिले एक मुर्गे को 1.25 लाख रुपये में खरीदा गया था। इस नीलामी में एक अंडा 6 हजार रुपये में बिका था।

शिया संगठनों की ईरान के लिए दान की अपील

युद्ध शुरू होने के बाद से विभिन्न शिया संगठनों ने लोगों से ईरान के लिए दान करने की अपील की। जम्मू-कश्मीर शिया एसोसिएशन ने एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में अपील करते हुए कहा, ‘जम्मू-कश्मीर के सभी मुसलमानों से अपील है कि इन मुश्किल समय में ईरान के लोगों के लिए योगदान दें। जिसके बाद देशभर में खासकर जम्मू-कश्मीर से नकद, सोना और गहनों के रूप में भारी भरकम राशि जमा हुई।

वहीं, युद्ध के बाद से भारत के विभिन्न राज्यों में लगातार ईरान के युद्ध प्रभावितों के लिए चंदा जुटाया गया। ईरानी दूतावास ने मार्च 2026 में इजरायल-अमेरिका संघर्ष के दौरान राहत सहायता के नाम पर दान मांगा था। ईरानी दूतावास ने 14 मार्च को मुख्य बैंक खाते से दान की अपील की लेकिन भारतीय नियमों के तहत अलग SBI खाता खोलकर UPI और बैंक ट्रांसफर की व्यवस्था की गयी। शुरुआत में नकद जमा की अनुमति दी गई लेकिन बाद में इसे प्रतिबंधित कर दिया गया। ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर भारतीय भाई-बहनों का आभार जताया और पारदर्शिता बनाए रखने का भरोसा दिलाया लेकिन राजनयिक प्रक्रिया के चलते जुटाया गया पैसा अब सीधे तेहरान नहीं भेजा जा सकेगा।

ईरान से 45 दिन के सीजफायर पर चल रही बात

अमेरिका मीडिया का दावा है कि अमेरिका-ईरान के बीच 45 दिन के युद्धविराम के लिए बात चल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समझौते के लिए पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देश मध्यस्थता कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें