हिंदू-हिंदू की रट लगाए हुए हैं मोहन भागवत, फिर कहते हैं अत्याचार की बात- टीवी डिबेट में बोले पैनलिस्ट

पिछले दिनों राजस्थान में आयोजित एक कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि हिंदू विचारधारा शांति और सच्चाई की है। जहां जहां हिंदू आबादी कम हुई है, वहां समस्याएं पैदा हुईं।

टीवी डिबेट में आरएसएस प्रमुख पर निशाना साधते हुए इस्लामिक चिंतक मौलाना अंसार रजा ने कहा कि जब से बीजेपी की सरकार आई है तब से मोहन भागवत सब हिंदू- सब हिंदू की रट लगाए हुए हैं। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

पिछले दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा था कि जहां जहां अलग-अलग कारणों से हिंदू अल्पसंख्यक हुए हैं वहां-वहां समस्याएं उत्पन्न हुई हैं। आरएसएस प्रमुख के इस बयान पर एआईएमआईएम सहित कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी थी। इसी मुद्दे पर टीवी डिबेट के दौरान जब एंकर ने वहां मौजूद पैनलिस्ट से सवाल पूछा तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि मोहन भागवत सब हिंदू, सब हिंदू की रट लगाए हुए हैं और फिर अत्याचार की बात करते हैं।

दरअसल न्यूज 18 इंडिया पर आयोजित टीवी डिबेट के दौरान एंकर अमिश देवगन ने डिबेट में मौजूद रहे इस्लामिक चिंतक मौलान अंसार रजा से सवाल पूछा कि जहां जहां हिंदुओं की आबादी कम हुई है, वहां वहां समस्याएं बढ़ी हैं और कश्मीर इसका बड़ा उदहारण है जहां कश्मीरी पंडितों को अपने घर से बेघर होना पड़ा है।

एंकर अमिश देवगन के सवाल के जवाब में अंसार रजा ने कहा कि मोहन भागवत पहले एक बात क्लियर करें कि देश में रहने वाले सब हिंदू हैं..सिंधु नदी के किनारे रहने वाले सब लोग हिंदू हैं और फिर वो ये बताएं कि देश के किस इलाके में हिंदुओं की तादाद कम है और उनपर जुल्म हो रहा है। साथ ही अंसार रजा ने कहा कि उस इलाके की निशानदेही की जाए कि कहां हिंदुओं के ऊपर मुसलमानों ने जुल्म किया है।

आगे अंसार रजा ने कहा कि जब से बीजेपी की सरकार आई है तब से मोहन भागवत एक ही रट लगाए हुए हैं कि सब हिंदू हैं, सब हिंदू हैं और फिर वे कहते हैं कि जहां हिंदू हैं वहां हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है। साथ ही उन्होंने मोहन भागवत को लेकर यह भी कहा कि आप इतनी बड़ी संस्था के नेता हैं, आपने जो एक बार बोल दिया उसी पर कायम रहिए।

हालांकि इसके बाद जब एंकर अमिश देवगन ने उनसे पूछा कि तो आप ये कहना चाह रहे हैं कि मोहन भागवत का बयान गलत है। तो इसपर अंसार रजा ने कहा कि उनका बयान सरासर गलत है और बेबुनियाद है। उनके बयान का कोई मतलब नहीं बनता है।

बता दें कि पिछले दिनों राजस्थान में आयोजित एक कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि हिंदू विचारधारा शांति और सच्चाई की है। देश और समाज को कमजोर करने के मकसद से ऐसा अभियान चलाया जा रहा है कि हम हिंदू नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जहां हिंदू आबादी कम हुई है, वहां समस्याएं पैदा हुईं। उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए एआईएमआईएम के प्रवक्ता आसिम वकार ने कहा था कि मोहन भागवत को सोच समझकर बयान देना चाहिए। जहां-जहां मुस्लिम अल्पसंख्यक है वहां उनपर जुल्म और अत्याचार हुआ है। 

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