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IS मॉड्यूल: नामी स्कूल से नाम कटाकर मदरसे में लिखाया बेटे का नाम, आतंकी फंडिंग के लिए महिला ने बेच डाले गहने!

जानकारी के मुताबिक मां ने अपने बेटे का नाम शहर के एक नामी स्कूल से कटवाकर मदरसे में लिखवा दिया था। दोनों को एक हैंडलर के द्वारा फेसबुक और वॉट्सएप के जरिए जेहादी वीडियो और साहित्य भेजा जाता था।

आतंकी फंडिंग के लिए मां ने अपने गहने बेच दि. बेटे का नाम एक नामी स्कूल से कटाकर मदरसे में लिखा दिया. ( फोटो सोर्स: PTI)

आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के एक नए मॉड्यूल ‘हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम’ का पर्दाफाश होने के बाद कई चौंकाने वाले बातें सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस आतंकी फंडिंग का इंतजाम एक मां-बेटे ने मिलकर किया। बताया जा रहा है कि विस्फोटक और दूसरे सामान खरीदने के लिए मां ने अपने 3 लाख रुपये के गहने बेच डाले। जांच एजेंसियां मां-बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही हैं।

बुधवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत 16 ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान लखनऊ में हुई छापेमारी में उन्हें आईएस के मॉड्यूल को फंडिंग करने के सबूत मिले। वीरगंज स्थित एक घर पर तड़के सुबह 4 बजे छापा मारा गया। एनआईए ने घर में रह रहे तीन भाइयों में से एक की पत्नी और उसके बेटे के कमरे की तलाशी ली। इस दौरान उनके मोबाइल फोन और वहां मौजूद दो लैपटॉप से सारा डाटा ट्रांसफर कर लिया गया। पूछताछ में महिला ने बताया कि उसने कुछ समय पहले करीब पौने तीन लाख रुपये के जेवर बेचे थे। जेवर से मिली रकम को उसने एक शख्स के जरिए अमरोहा (मॉड्यूल चलाने वालो को) भिजवा दिया। बहरहाल, जांच एजेंसी पैसा ले जाने वाले शख्स की तलाश में जुटी है।

मां-बेटे का आतंकी संगठन  हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम के संपर्क में आने का मामला भी काफी चौंकाने वाला है। इन लोगों का इस गुट से संपर्क फेसबुक और वॉट्सएप के जरिए हुआ। एक हैंडलर लगातार इनके संपर्क में रहता था और इन्हें फेसबुक और वॉट्सएप के जरिए लगातार जेहादी वीडियो, साहित्य और दूसरी सामग्री भेज रहा था। जेहादी वीडियो और साहित्य के प्रभाव में आकर मां-बेटे ने फंडिंग का इंतजाम किया। घर वालों ने बताया कि मां-बेटे किसी से मिलते-जुलते नहीं थे। वे अधिकांश अपने कमरे में ही रहते थे। उनका ज्यादा समय फोन और फेसबुक पर ही बीतता था। महिला के देवर ने बताया कि उसका भतीजा पहले लखनऊ के एक नामी स्कूल में पढ़ता था। लेकिन, 8वीं कक्षा में उसकी भाभी ने नाम कटवाकर मदरसे में दाखिला करा दिया।

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