Karnataka Power Tussle: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बुधवार को राज्य की कांग्रेस सरकार में संभावित नेतृत्व परिवर्तन और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के साथ चल रहे सत्ता संघर्ष को लेकर बढ़ती चर्चाओं पर सतर्क लहजे में प्रतिक्रिया दी। इन अटकलों पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए सिद्धारमैया ने कहा, “मैं इस बारे में कल बात करूंगा।”
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया गुरुवार को अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ ब्रेकफॉस्ट मीटिंग करने वाले हैं। इसके बाद उम्मीद है कि वह अपने फैसले की घोषणा करेंगे। मुख्यमंत्री के साथ उनके सहयोगी समाज कल्याण मंत्री एच.सी. महादेवप्पा, आवास मंत्री जमीर अहमद खान और कानूनी सलाहकार एएस पोनन्ना भी मौजूद थे। वे यहां भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती के अवसर पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद बोल रहे थे।
मैं कोई भी मंत्रालय का पद लेने को तैयार हूं- कांग्रेस विधायक
कांग्रेस विधायक अशोक एम पट्टन ने कहा, “हम मुख्यमंत्री के घर गए थे। मुझे लगता है कि मुख्यमंत्री कल दोपहर 3 बजे के बाद इस्तीफा दे सकते हैं। उन्होंने राज्यपाल से पहले ही मुलाकात का समय तय कर लिया है। अगले मुख्यमंत्री के बारे में हाई कमान फैसला करेगा। सुरजेवाला जी पहले से ही यहां हैं। संभवतः डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री बनेंगे। हाई कमान जो भी कहेगा, वे उसका पालन करेंगे। मैं कोई भी मंत्रालय का पद लेने को तैयार हूं, लेकिन पहले मुझे वह पद दिया जाए। यही समस्या है। मुझे लगता है कि मुझे वह पद मिल सकता है। मुझे यह उम्मीद भी है कि मुझे नए मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा।”
हाई कमान ही तय करेगा अगला सीएम कौन होगा- आरवी देशपांडे
वहीं, कांग्रेस विधायक आर. वी. देशपांडे ने कहा, “मुख्यमंत्री ने पहले ही इस्तीफा देने का फ़ैसला कर लिया है और हो सकता है कि वे कल इस्तीफा दे दें। विधायक चाहते थे कि वे पद पर बने रहें, लेकिन उन्होंने कहा कि मैंने हाई कमान को अपना वचन दे दिया है। हाई कमान ही तय करेगा कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।”
दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ सिद्धारमैया की चली मीटिंग
बता दें कि मुख्यमंत्री मंगलवार को दिल्ली में थे और उन्होंने पार्टी आलाकमान के साथ कई मीटिंग की। इस मीटिंग में चर्चा का मुद्दा कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन था। उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार मुख्यमंत्री पद के लिए एक प्रमुख दावेदार रहे हैं।
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सिद्धारमैया को आश्वस्त किया गया है कि अगर वे दिल्ली आने को तैयार हो जाते हैं तो उनके राजनीतिक हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। दावा तो यहां तक किया गया है कि उन्हें AICC में बड़ा पद भी दिया जा सकता है। कांग्रेस हाईकमान चाहता है कि यह राजनीतिक ट्रांजिशन पूरी तरह सम्मानजनक तरीके से हो और कर्नाटक में किसी भी तरह की बगावत को हवा न मिले। सिद्धारमैया को मनाने के लिए कांग्रेस उनकी बेटे जितेंद्रा को भी कैबिनेट में जगह दे सकती है। यहां क्लिक कर पढे़ं पूरी खबर…
