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संदिग्‍ध की गिरफ्तारी: NIA का दावा- गिरफ्तार युवक भारत में IS का नंबर 2 लीडर, मां ने बताया निर्दोष

लड़के की मां कहती हैं कि उसके पास न लैपटॉप था और न कुछ ओर। स्‍कूल या कोचिंग जाने के अलावा वह मुश्किल से घर से निकलता था।

Author कुशीनगर | February 10, 2016 6:15 PM
कुशीनगर में आरोपी का बंद घर। (Express Photo: Ramendra Singh)

महाराष्‍ट्र एंटी टेर‍ेरिस्‍ट स्‍क्‍वॉड(एटीएस) द्वारा इस्‍लामिक स्‍टेट से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किए गए 16 वर्षीय किशोर की मां का कहना है उसका बेटा निर्दोष है। वह बताती हैं कि उसके बेटे के पास केवल एक फोन था। वह भी कुछ दिन पहले दोस्‍त ने दिया था। एटीएस का कहना है कि वह भारत में आईएस का नंबर दो है। लड़के के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि वह केवल 16 साल का है। इसके बाद मुंबई की अदालत ने उसे बच्‍चों के रिमांड गृह भेज दिया। लड़के की मां कहती हैं कि उसके पास न लैपटॉप था और न कुछ ओर। स्‍कूल या कोचिंग जाने के अलावा वह मुश्किल से घर से निकलता था। उसके पास केवल एक फोन था जो उसने कुछ ही दिनों पहले दोस्‍त से लिया था। मैंने उसे इसे लौटाने को कहा था। मुझे पूरा भरोसा है कि मेरे बेटे को फंसाया गया है।’ गौरतलब है कि लड़के को 22 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था।

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एनआईए का दावा है कि लड़का इस्‍लामिक स्‍टेट से जुड़ी संस्‍था जुनुद अल खलीफा ए हिंद के लिए बैठकें आयोजित करता था। लड़का अपनी मां के साथ नेशनल हाइवे 28 के पास कास्‍या गांव की सीमा पर रहता था। वे लोग एक साल पहले ही यहां पर पैतृक गांव से यहां आए थे। आरोपी लड़के के पिता खाडा तहसील में राजस्‍व अधिकारी हैं। लड़के की मां ने बताया कि वे उसे डॉक्‍टर बनाना चाहते थे। उन्‍होंने कहा कि, ‘ वह घर पर ही रहा करता था। वह काफी धार्मिक था और दिन में 5 बार नमाज अदा किया करता था। 8 साल की उम्र से वह ऐसा कर रहा है।’ गिरफ्तार युवक को उसके आसपास के लोग भी नहीं जानते। आरोपी युवक के वार्ड में रहने वाले राजेश मधेशिया बताते हैं कि, ‘जब उसे गिरफ्तार किया गया तब हमें पता चला कि वह यहां रहता है।’

लड़के की मां बताती है कि पिछले कुछ महीनों से वह कभी कभार स्‍कूल जाता था। वह घर पर ही पढ़ा करता था और कोचिंग जाता था। जिस दिन पुलिस आई उस दिन वह स्‍कूल जाने की तैयारी कर रहा था। उन्‍हें घर में सिवाय मोबाइल के कुछ नहीं मिला। लड़के की स्‍कूल के प्रिंसीपल रितेश चौधरी ने बताया कि, वह काफी विनम्र था। स्‍कूल में कुछ लड़के कई बार लड़ते थे लेकिन वह उनमें शामिल नहीं था। हालांकि वे कहते हैं कि लड़का सफेद अपाचे बाइक पर घूमता था। बाइक पर घूमने की बात उसके पड़ोस के लोग भी बताते हैं। लड़के ने 10वीं परीक्षा फर्स्‍ट डिवीजन से पास की थी। लेकिन 11वीं में वह 40 प्रतिशत से ही पास हो पाया।

लड़के के पैतृक गांव के लोग बताते हैं कि उनका किसी से झगड़ा नहीं हुआ। यदि किसी का जानवर उनकी फसल खराब कर देता था तो भी वे शिकायत नहीं करते थे। लड़के के नाबालिग होने पर कुछ गांववाले सवाल उठाते हैं और बताते हैं कि उसने पिछले साल दिसंबर में पंचायत चुनाव में वोट डाला था। कास्‍या गांव के कुछ लोग दावा करते हैं कि वह अबू बकर अल बगदादी (आईएस लीडर) के संपर्क में था। लड़के का परिवार धुनिया मुस्लिम हैं। हालांकि अन्‍य लोगों की तरह वे कपास धुनाई का काम नहीं करते। उनके पास आठ बीघा जमीन भी है। साथ ही लड़के के चाचा और ताऊ भी सरकारी नौकरी में हैं।

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