भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉक्टर अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने रविवार को कहा कि होर्मुज जलमार्ग सभी देशों का है, सिर्फ अमेरिका का नहीं। हम इस जलमार्ग को खोलना चाहते हैं लेकिन अभी स्थिति अच्छी नहीं और कुछ जहाजों को यहां से निकलने दिया जा रहा है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर उन्होंने कहा कि हमें दुनिया के नेताओं और उन सभी लोगों से यह आग्रह करना होगा कि वे अपनी आवाज एक साथ उठाएं और युद्ध को रोकें। उन्होंने सवाल किया कि फारस की खाड़ी में अमेरिका के जहाज क्या कर रहे हैं? उन्हें वहां से तुरंत चले जाना चाहिए।

इस्लामाबाद में वार्ता विफल होने के सवाल पर डॉक्टर अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है लेकिन वार्ता तर्क संगत होनी चाहिए और इसमें हमारी गरिमा, मानवता और अधिकारों का ख्याल भी रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत के टेबल से नहीं उठा। अमेरिका बीच में बातचीत छोड़कर चला गया क्योंकि वो बहुत सारी चीजें मांग रहे थे।

होर्मुज पर पूर्ण नियंत्रण है: ईरान

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड नौसेना ने रविवार को कहा कि होर्मुज जलमार्ग के पास आने वाले सैन्य जहाजों को “दृढ़ और बलपूर्वक जवाब दिया जाएगा।” ईरान का यह बयान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रविवार को दिए गए इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर नाकेबंदी शुरू करने के बयान के बाद आया है। 

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अमेरिकी क्रूड 8 परसेंट बढ़कर $104.24 प्रति बैरल हो गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 7 परसेंट बढ़कर $102.29 हो गया। ईरान युद्ध के दौरान बेंचमार्क में उतार-चढ़ाव रहा है। फरवरी के आखिर में लड़ाई से पहले ये लगभग $70 प्रति बैरल था जो बढ़कर अपने पीक पर $119 से ज़्यादा हो गया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें