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Coronavirus Lockdown: बच्चा बीमार, उसे ऊंटनी का ही दूध देना है’, महिला ने पीएम से लगाई गुहार तो IPS अफसर बने देवदूत, स्पेशल परमिशन ले ट्रेन से मुंबई पहुंचवाया 20 लीटर दूध

आईपीएस अफसर के रेलवे से विशेष अनुरोध पर लुधियाना से बांद्रा टर्मिनस जाने वाली एक ट्रेन को अजमेर के फालना स्टेशन के पास ऊंटनी का दूध लेने के लिए रोका गया।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र मुंबई | Updated: April 12, 2020 8:34 AM
बच्चे के लिए राजस्थान से महाराष्ट्र तक कार्गो ट्रेन के जरिए मंगाया गया दूध। (प्रतीकात्मक फोटो)

देश में कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के बीच 24 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में 21 दिन लंबे लॉकडाउन का ऐलान कर दिया था। इसके बाद से ही कई जरूरत के सामानों की एक से दूसरी जगह आवाजाही पर रोक लगा दी गई। इस बीच कई राज्य सरकारों ने कहा कि वे नागरिकों के लिए होम डिलीवरी की व्यवस्था करवाएंगी। कई लोगों को होम डिलीवरी की इस सुविधा का फायदा मिला है और कुछ को नहीं। हालांकि, इन सब के बीच मुंबई का एक मामला ऐसा है, जहां एक बीमार बच्चे के लिए शासन और प्रशासन ने चुस्ती दिखाई और उसकी आवश्यक जरूरत के लिए राज्य के बाहर से मदद मंगवाई।

दरअसल, 4 अप्रैल को मुंबई के चेंबूर की रहने वाली नेहा सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्वीट में टैग करते हुए लिखा था- “सर, मेरा एक 3.5 साल का बच्चा है, जो ऑटिज्म और खाने की गंभीर एलर्जी से जूझ रहा है। वह सिर्फ ऊंटनी के दूध और दालों की कुछ सीमित मात्रा पर निर्भर है। जब लॉकडाउन शुरू हुआ, तो हमें पता नहीं था कि हमें ऊंटनी का दूध इतने समय तक नहीं मिलेगा। कृपया राजस्थान के सदरी से मेरी ऊंटनी के दूध का पाउडर लाने में मदद करें।”

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नेहा के इस ट्वीट पर देशभर के कई अफसरों की नजर पड़ी। ओडिशा कैडर के आईपीएस अफसर अरुण बोथरा से लेकर राजस्थान के रेलवे अधिकारियों ने इस ट्वीट के बाद कुछ कदम उठाए, जिससे 20 लीटर ऊंटनी का फ्रोजन दूध और 20 किलो सामान्य ऊंटनी का दूध नेहा सिन्हा के घर पर पहुंच गया।

बताया गया है कि नेहा का ट्वीट देखने के बाद अरुण बोथरा उत्तर-पश्चिम रेलवे के चीफ पैसेंजर ट्रांसपोर्ट मैनेजर तरुण जैन के पास पहुंचे। यहां दोनों के बीच ऊंटनी के दूध को राजस्थान से मुंबई लाने पर चर्चा हुई। तरुण जैन ने बाद में इस मामले को जेवालिया के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर महेश चंद के सामने उठाया। इसके बाद पंजाब के लुधियाना से बांद्रा टर्मिनस आने वाली कार्गो ट्रेन नंबर 00902 को राजस्थान के अजमेर के करीब फालना स्टेशन पर रुकने की इजाजत मिली। क्योंकि दूध के सप्लायर ने कहा था कि वह फालना स्टेशन तक दूध पहुंचा सकता है। लॉकडाउन के चलते सदरी से फालना पहुंचना आसान है।

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कार्गो ट्रेन का स्टॉप न होने के बावजूद उसे फालना पर रोकने का निर्णय लिया गया। यहां तक की फालना स्टेशन का गुड्स बुकिंग काउंटर भी दूध लेने के लिए खोला गया। उत्तर-पश्चिम रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बांद्रा स्टेशन से दूध के कंसाइनमेंट को शुक्रवार रात को ही महिला के घर पहुंचा दिया गया।

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