पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पर्यवेक्षक के तौर पर तैनात उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी अजयपाल शर्मा विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। दूसरे चरण के मतदान से पहले बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फलता विधानसभा से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान के घर दबिश देने के बाद से उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
आईपीएस अधिकारी की ‘चेतावनी’ का वीडियो सामने आने के बाद जहांगीर खान ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि खेला तुमने शुरू किया है, लेकिन खत्म मैं करूंगा। पिक्चर अभी बाकी है। मैच शुरू हो गया है। आपको लगता है कि आप कुछ सीआरपीएफ जवानों के साथ तमाशा कर रहे हैं। लेकिन अगर सारे लोग एकसाथ आ गए तो तुमलोग हवा में उड़ जाओगे।
जहांगीर के अलावा समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी आईपीएस अधिकारी के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्हें घेरा है। टीएमसी सांसद ने कथित तौर पर अधिकारी के कुछ वीडियो पोस्ट किए हैं, जिनमें वो अभद्र कृत्यों में लिप्त नजर आ रहे हैं।
टीएमसी सांसद ने एक्स पर शर्मा के वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, “आपको ‘फेंटा कॉप’ स्टाइल में मजे करते देखकर अच्छा लगा। एकदम ‘ठंडा-ठंडा, कूल-कूल’ रहिए। बंगाल हमेशा तृणमूल का है।” इससे पहले उन्होंने फलता वाले वीडियो पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि हीरोगिरी थोड़ा संभल के कीजिए।
इधर, अखिलेश यादव ने कहा कि बंगाल चुनाव के दौरान ऑब्जर्वर बने, उत्तर प्रेदश के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का जो अभद्र वीडियो सरेआम चल रहा है, उससे यूपी सरकार के शासन-प्रशासन की छवि बेहद क्षतिग्रस्त हुई है। साथ ही भाजपा सरकार के तथाकथित ‘महिला सम्मान’ व ‘नारी वंदन’ के दावों की पोल भी महिलाओं के सामने पूरी तरह खुल गई है। उन्होंने लिखा, भाजपा शासन-प्रशासन में ऐसे व्यक्ति और अधिकारी अपवाद नहीं है। नारी को लगता है कि जिनके हाथ में महिला सुरक्षा की बागडोर है अगर वो ‘ऐसे’ हैं, तो हमारी सुरक्षा कैसे होगी। आज भाजपा से जुड़ी हर नारी शर्मिंदा है क्योंकि बहन-बेटियां तो उनके घरों में भी हैं।
सपा अध्यक्ष ने कहा – “देखते हैं इनका निलंबन-बर्खास्तगी कितनी जल्दी होती है। इसका सीधा संबंध मुख्यमंत्री की छवि से जुड़ा है। इस अधिकारी के खिलाफ जैसी कार्रवाई होगी वो तय करेगी कि मुख्यमंत्री का इस मामले में ख़ुद का रुख कैसा है। वैसे इतना सब कुछ उजागर होने के बाद तो मुख्यमंत्री भी मन मारकर ही सही, अनुशासनात्मक-दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए बाध्य हो जाएंगे और अपने इस ‘विशेष कृपा प्राप्त’ को बचाने के लिए ये नहीं कहेंगे कि ये वीडियो ‘एआई’ जेनरेटेड है। ज़ीरो टॉलरेंस सिर्फ अपराधियों के ख़लाफ नहीं ऐसे अधिकारियों के खिलाफ भी होना चाहिए।
अधिकारी के चेतावनी वाले वायरल वीडियो पर भी अखिलेश ने तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल में भाजपा ने ऑब्जवर के नाम पर रामपुर व संभल में टेस्ट किये हुए अपने एजेंट भेजे हैं लेकिन इनसे कुछ होने वाला नहीं। दीदी हैं, दीदी रहेंगी। सही समय आने पर भाजपा और उनके संगी-साथियों के इन जैसे ‘एजेंडों के एजेंटों’ की सारी आपराधिक करतूतों की गहरी जांच होगी और बेहद सख्त दंडात्मक कार्रवाई भी। ये सब अधिकारी के रूप में अनरजिस्टर्ड लोगों के अनरजिस्टर्ड अंडरग्राउंड सदस्य हैं। हम न इन्हें भागने देंगे, न भूमिगत होने देंगे। ये खोज के लाए जाएंगे, खोद के लाए जाएंगे और अपने कुकृत्यों के लिए कानूनी सजा भी पाएंगे। लोकतंत्र के अपराधी बख्शे नहीं जाएंगे!
दरअसल, पूरे विवाद का केंद्र आईपीएस अधिकारी की ‘चेतावनी’ वाला वीडियो है। दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले वे सोमवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फलता क्षेत्र पहुंचे थे। मतदाताओं को डराने-धमकाने और उनके पहचान पत्र छीनने के आरोपों के बीच तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान के घर पर पुलिस और केंद्रीय बलों ने छापा मारा था।
छापेमारी के दौरान जहांगीर खान घर पर मौजूद नहीं पाए गए। मौके पर अजयपाल शर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए उनके परिवार और समर्थकों को स्पष्ट चेतावनी दी कि मतदाताओं को प्रभावित करने की शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और बाद में कोई राहत नहीं मिलेगी। इसी कार्रवाई का एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने के बाद से विवाद हो रहा है।
सूत्रों के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 10 बजे केंद्रीय बलों के साथ पुलिस टीम उम्मीदवार के आवास पर पहुंची और तलाशी अभियान चलाया। घर के बाहर उनकी लाल रंग की लग्जरी कार खड़ी मिली, लेकिन परिवार की ओर से उनके ठिकाने को लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई। चुनाव आयोग को संदेह है कि संभावित गिरफ्तारी या पूछताछ से बचने के लिए जहांगीर खान इलाके से गायब हो गए हैं।
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बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रचार खत्म हो चुका है। 29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग है और 4 मई को नतीजे आएंगे। बंगाल में विधानसभा का चुनाव प्रचार चर्चा में रहा। टीएमसी और बीजेपी के दिग्गजों ने पूरी ताकत से प्रचार किया। टीएमसी से सांसद सायोनी घोष चुनाव प्रचार के दौरान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुईं। सायोनी घोष की रैलियों में बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ती थी। पूरी खबर पढ़ें…
