कर्नाटक पुलिस की साइबर कमांड यूनिट ने 31 मई को हुए इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) फाइनल से पहले बड़ी संख्या में ऑनलाइन सट्टेबाजी (बेटिंग) वेबसाइटों को ब्लॉक कर दिया। अधिकारियों ने इसे अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताया है। हालाँकि कर्नाटक सरकार की इस कार्रवाई में जनसत्ता समेत कई न्यूजसाइटें के यूआरएल भी चपेट में आ गये। कर्नाटक पुलिस ने अपनी सफाई में कहा कि न्यूजसाइटें “एल्गोरिद्म की भूल” की वजह से ब्लॉक हो गईं।
कर्नाटक साइबर क्राइम यूनिट के अनुरोध पर इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISPs) ने इस वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया। इसके चलते रविवार से देश के कई हिस्सों में एयरटेल, वोडाफोन आइडिया (Vi) और जियो के मोबाइल नेटवर्क पर जनसत्ता डॉट कॉम उपलब्ध नहीं है जिससे करोड़ों पाठक खबरों से वंचित हो गये।
साइबर क्राइम यूनिट ने सोमवार को जारी एक आधिकारिक नोट में कहा, ”कर्नाटक स्टेट साइबर कमांड ने Indian Cybercrime Coordination Centre की मदद से भारत के सबसे बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी विरोधी अभियानों में से एक को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। इस अभियान के तहत लगभग 8,750 बेटिंग वेबसाइट, मोबाइल एप्लिकेशन और फर्जी बेटिंग यूआरएल (URLs) के एक बड़े नेटवर्क को निशाना बनाया गया।”
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी पर रोक लगाने के मकसद से की गई थी। लेकिन इसके दौरान जनसत्ता समेत कुछ वैध वेबसाइटें भी ब्लॉक हो गईं जिससे विवाद की स्थिति पैदा हो गई है।
बड़े आर्थिक नुकसान को रोका गया
साइबर कमांड के पुलिस महानिदेशक प्रणब मोहंती ने कहा, ”विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर विशेष साइबर टीमों ने साझा ऑनलाइन जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान ऐसे संगठित गिरोहों की पहचान की गई जो अवैध क्रिकेट सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म संचालित कर रहे थे। ये प्लेटफॉर्म मिरर डोमेन, सबडोमेन और क्लोन किए गए यूआरएल (URLs) के जरिए ऑपरेट किए जा रहे थे।”
उन्होंने आगे कहा, ”इस कार्रवाई से लोगों को होने वाले भारी आर्थिक नुकसान को रोका गया है और देश में फैले अवैध सट्टेबाजी सिस्टम को काफी हद तक रोका गया है।”
यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत कंप्यूटर संबंधी अपराधों और भारतीय न्याय संहिता के तहत धोखाधड़ी के आरोपों में दर्ज की गई एक प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) के आधार पर की गई।
पुलिस ने कहा, ”आईटी एक्ट और बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सट्टेबाजी में लगाए गए पैसे के वित्तीय लेन-देन की निगरानी (फाइनेंशियल ट्रैकिंग) और बेटिंग नेटवर्क संचालकों की पहचान के लिए एडवांस्ड तकनीकी जांच जारी है।”
एल्गोरिद्म ने ब्लॉक कर दीं न्यूज़ वेबसाइट
कर्नाटक पुलिस के अनुसार इस ब्लॉकिंग आदेश का असर अनजाने में कुछ समाचार वेबसाइटों पर भी पड़ा। मोबाइल फोन पर इन वेबसाइटों को खोलने की कोशिश करने वाले यूजर्स को एक मैसेज दिखाई दिया जिसमें लिखा था, ”दूरसंचार विभाग (DoT) के निर्देशों के अनुसार आपके द्वारा अनुरोधित URL को ब्लॉक कर दिया गया है।”
पुलिस ने स्वीकार किया कि, ”संभव है कि एल्गोरिद्म ने गलती से इन वेबसाइटों को सट्टेबाजी से जुड़ी साइटों के रूप में पहचान लिया हो जिसके कारण उन्हें भी ब्लॉक कर दिया गया।”
