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चीन के डर से नरेंद्र मोदी सरकार ने की नेपाल से डील, 2020 तक सप्लाई करेगी 13 लाख टन के पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स

इस महीने की शुरुआत में नेपाल ने अॉयल कॉरपोरेशन (NOC) ने चेतावनी दी थी कि वह आईओसी-एनओसी के बीच समझौते में एक नया क्लॉज डालने जा रहा है, जिसके तहत अगर आईओसी उसे ईंधन सप्लाई करने को लेकर सुनिश्चित नहीं करता तो वह दूसरे देशों से भी ईंधन खरीद लेगा।

सितंबर 2015 में भारत ने नेपाल पर 6 महीने की आर्थिक नाकेबंदी लगा दी थी, उस वक्त चीन ईंधन सप्लाई करने वाला अतिरिक्त विकल्प बनने की कोशिश कर रहा था।

सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन अॉयल कॉरपोरेशन ने सोमवार को नेपाल के साथ एक समझौते पर दस्तखत किए, जिसके तहत वह पड़ोसी देश को अप्रैल 2017 से लेकर मार्च 2022 तक ईंधन उत्पादों की आपूर्ति करेगा। भारत का इंडियन अॉयल कॉरपोरेशन 1974 से ही नेपाल को ईंधन और एलपीजी की सप्लाई कर रहा है। दरअसल भारत को यह डर था कि कहीं नेपाल चीन से अपनी ईंधन की जरूरतें पूरी करने के लिए समझौता न करे ले। यही सोचकर भारत नेपाल को समझौते के तहत कुछ अन्य सुविधाएं जैसे प्रॉडक्ट पाइपलाइन और स्टोरेज की सुविधा भी मुहैया कराएगा। समझौते में तय किया गया है कि आईओसी नेपाल को सालाना 13 लाख टन की ईंधन सप्लाई करेगा और 2020 तक वह सप्लाई को दोगुना कर देगा।

इस महीने की शुरुआत में नेपाल ने अॉयल कॉरपोरेशन (NOC) ने चेतावनी दी थी कि वह आईओसी-एनओसी के बीच समझौते में एक नया क्लॉज डालने जा रहा है, जिसके तहत अगर आईओसी उसे ईंधन सप्लाई करने को लेकर सुनिश्चित नहीं करता तो वह दूसरे देशों से भी ईंधन खरीद लेगा। भारत और नेपाल के बीच यह समझौता इसी महीने रिन्यू होना था। चीन को पड़ोसी देश में पैंठ बनाने से रोकने के लिए आईओसी ने मामूली मार्केटिंग चार्जेज स्वीकार किए और भुगतान में देरी के लिए एनओसी पर लगाए गए ब्याज में छूट दी। सूत्रों के मुताबिक भारत इस बात पर राजी हुआ है कि अगर वह ईंधन उत्पादों की सप्लाई करने में नाकाम रहता है तो वह नेपाल को मुआवजा भी देगा।

सितंबर 2015 में भारत ने नेपाल पर 6 महीने की आर्थिक नाकेबंदी लगा दी थी, उस वक्त चीन ईंधन सप्लाई करने वाला अतिरिक्त विकल्प बनने की कोशिश कर रहा था। मार्च 2016 में केपी ओली सरकार ने चीन के साथ ईंधन उत्पादों की आपूर्ति को लेकर एक कमर्शियल समझौते पर भी दस्तखत किए थे। हालांकि यह एमओयू उस वक्त खारिज हो गया जब तीन महीने बाद ही ओली को अविश्वास प्रस्ताव के चलते प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

नेपाल के विदेश मंत्री ने राज्य विदेश मंत्री एम जे अकबर से की मुलाकात, देखें वीडियो ः

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