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सुप्रीम कोर्ट से चिदंबरम को झटका, महबूबा मुफ्ती, एनडीटीवी, मोहम्‍मद यूसुफ के लिए राहत, कश्‍मीर ब्‍लैक आउट पर 16 को सुनवाई

सुनवाई के दौरान चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई तो वहीं महबूबा मुफ्ती की बेटी को मां से मिलने की इजाजत दे दी गई।

Author नई दिल्ली | Updated: September 5, 2019 3:55 PM
सुप्रीम कोर्ट से किसी को राहत तो किसी को झटका। फोटो: इंडियन एक्सप्रेस/जनसत्ता

सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाई कोर्ट में कई अहम मामलों पर सुनवाई हुई। इनमें आईएनएक्स मीडिया मामला, नजरबंद जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती की बेटी की याचिका, एनडीटीवी मामले पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई तो वहीं महबूबा मुफ्ती की बेटी को मां से मिलने की इजाजत दे दी गई। महबूबा पिछले एक महीने से नजरबंद हैं। वहीं कश्मीर टाइम्स की एग्जीक्यूटिव एडिटर अनुराधा भसीन की ‘कश्‍मीर ब्‍लैक आउट’ से जुड़ी याचिका पर अब 16 को सुनवाई होगी। जबकि बीमार चल रहे माकपा नेता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी को श्रीनगर से दिल्ली के एम्स में भर्ती कराने का आदेश भी दिया गया। आइए जानते हैं कोर्ट में इन सभी मामलों पर सुनवाई में क्या-क्या हुआ:-

चिदंबरम को झटका: आईएनएक्स मीडिया मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई जांच का सामना कर रहे पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। ईडी से जुड़े मामले में कोर्ट ने चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने इस याचिका में दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील की थी। जस्टिस आर भानुमति और जस्टिस ए एस बोपन्ना की पीठ से चिदंबरम की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि उन्होंने बिना शर्त यह याचिका वापस लेने का निर्णय लिया है। इसके बाद पीठ ने याचिका वापस लेने की अनुमति देने संबंधी आदेश पारित किया। मालूम हो कि सीबीआई द्वारा दर्ज आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में चिदंबरम की अग्रिम जमानत की याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय ने 20 अगस्त को खारिज कर दी थी। हालांकि दिल्ली की स्पेशल कोर्ट से चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को राहत मिली है। दोनों को एयरसेल-मैक्सिस केस में अग्रिम जमानत दे दी गई है।

मां महबूबा से मिल सकेंगी बेटी: सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद नजरबंद पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी को अपनी मां से मुलाकात करने की इजाजत दे दी। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति ए एस बोबडे और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पीठ से पीडीपी प्रमुख की बेटी इल्तिजा ने कहा कि उसे श्रीनगर जाने में कोई दिक्कत नहीं है परंतु वह शहर में अपनी मर्जी से कहीं आ जा नहीं सकती। इसके बाद पीठ ने इल्तिजा को श्रीनगर जाने और अपनी मां से मुलाकात करने की अनुमति प्रदान
कर दी।

एनडीटीवी मामले में सेबी की ‘बड़ी गलती’: बॉम्बे हाई कोर्ट ने एनडीटीवी प्रमोटर्स प्रणय रॉय और मैनेजिंग डायरेक्टर राधिका रॉय को बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से जुड़े मामले में बड़ी राहत दी। कोर्ट ने सेबी उस ऑर्डर को गलत ठहराया है जिसमें कहा गया है कि न्यूज चैनल ने सेटलमेंट एप्लीकेशन भरने में जानबुझकर देरी की। इस मामले में सेबी ने एनडीटीवी के खिलाफ सिक्योरिटी कॉन्ट्रैक्ट (रेगुलेशन) एक्ट 1956 के कथित उल्लंघनों के लिए न्यायिक कार्यवाही शुरू की थी। जस्टिस अकील कुरैशी और एसजे कथावाला की खंडपीठ ने कहा कि एनडीटीवी द्वारा इस मामले में देरी की वजहों के लिए बताए कारण पर्याप्त हैं। कोर्ट ने वजहों पर गहन विचार विमर्श किया जिसके बाद यह साबित हुआ कि सेबी ने इस मामले में ‘बड़ी गलती’ की। मालूम हो कि प्रणय और राधिका भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर सीबीआई जांच का भी सामना कर रहे हैं।

कश्‍मीर ब्‍लैक आउट: ‘कश्‍मीर ब्‍लैक आउट’ पर सुप्रीम कोर्ट में 16 सितंबर को सुनवाई होगी। कश्मीर टाइम्स की एग्जीक्यूटिव एडिटर अनुराधा भसीन ने एक याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से पत्रकारों पर बंदिशें लगा दी गई हैं। उन्होंने याचिका में यह भी कहा है कि पत्रकारों को अपनी मर्जी से काम करने दिया जाए। आज हुई सुनवाई में अनुराधा भसीन की तरफ से वरिष्ठ वकील वृंदा ग्रोवर पेश हुईं और याचिका में कही बातों को दोहराया। वहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इन
आरोपों को सिरे से नकार दिया और कहा कि राज्य में पत्रकार बिना बंदिशों के काम कर रहे हैं। इसके बाद कोर्ट ने बिना किसी फैसले के मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को तय कर दी।

मोहम्‍मद यूसुफ को राहत: कोर्ट ने बीमार चल रहे माकपा नेता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी को श्रीनगर से दिल्ली के एम्स में भर्ती कराने का आदेश भी दिया है। वे भी जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद से नजरबंद हैं। इससे पहले माकपा महासचिव सीताराम येचुरी को 28 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी पार्टी के बीमार नेता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी से मुलाकात के लिए दी गई थी।

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