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चिदंबरम केस: दूसरे मामले से जुड़ी महिला वकील की दखल पर भड़के सॉलिसिटर जनरल, पूछा- कौन हैं ये

यह वकील किसी दूसरे मामले की पैरवी के लिए अदालत पहुंची थीं। चिदंबरम की पैरवी सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल कर रहे हैं।

Author नई दिल्ली | Updated: September 3, 2019 8:26 AM
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता। फोटो:PTI

INX मीडिया भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के मामले की सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान एक महिला वकील की दखल पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता नाराज हो गए। यह वकील किसी दूसरे मामले की पैरवी के लिए अदालत पहुंची थीं। द इंडियन एक्सप्रेस में छपे कॉलम डेल्ही कॉन्फिडेंशियल के मुताबिक, एडवोकेट शोभा गुप्ता लॉ स्टूडेंट के उत्पीड़न के मामले की सुनवाई का इंतजार कर रही थीं। इसी बीच, मेहता कोर्ट में पहुंचे। वह अदालत के पिछले आदेश में बदलाव चाहते थे।

चिदंबरम की पैरवी सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल कर रहे हैं। वह तब तक अदालत से जा चुके थे। मेहता ने कहा कि उन्होंने अपनी उपस्थिति के बारे में सीनियर एडवोकेट अभिषेक सिंघवी को जानकारी दी थी। यहां पर दखल देते हुए एडवोकेट गुप्ता ने कहा कि बेशक वह इस मामले से जुड़ी नहीं हैं, लेकिन बेहतर होता कि इस मामले पर विचार तब होता जब दूसरा पक्ष भी मौजूद होता। इस बात पर मेहता नाराज हो गए। उन्होंने पूछा, ‘यह कौन हैं? यह बेहद आपत्तिजनक है।’

बता दें कि चिदंबरम को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से उस समय आंशिक राहत मिल गई जब अदालत ने कहा कि इस मामले में उन्हें फिलहाल तिहाड़ जेल नहीं भेजा जायेगा। इससे पहले, चिदंबरम ने उन्हें तिहाड़ जेल भेजने की बजाय घर में ही हिरासत में रखने की पेशकश की । कांग्रेस के 73 वर्षीय वरिष्ठ नेता के तीन अलग-अलग अदालतों में कानूनी जंग लड़ने के बीच स्पेशल जज अजय कुमार कुहाड़ ने उनकी सीबीआई हिरासत की अवधि एक दिन के लिये बढ़ा दी। अब चिदंबरम की अंतरिम जमानत याचिका पर मंगलवार को दोपहर साढ़े तीन बजे सुनवाई होगी।

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट भी चिदंबरम के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट और निचली अदालत द्वारा पारित रिमांड आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुनवाई करेगी। दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा 20 अगस्त को चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने के बाद गिरफ्तार किये जाने के बाद से सीबीआई ने उनसे 11 दिन हिरासत में पूछताछ की है।

इस बीच, दिल्ली की एक अदालत ने एयरसेल-मैक्सिस मामलों में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और उनके पुत्र कार्ति की अग्रिम जमानत याचिकाओं पर अपना आदेश 5 सितम्बर तक सुरक्षित रख लिया। सीबीआई और ईडी ने अदालत में एयरसेल-मैक्सिस घोटाले से संबंधित मामलों में चिदंबरम और कार्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ किये जाने की मांग की और कहा कि वे जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।

(एजेंसी इनपुट्स से)

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