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लंदन में रॉबर्ट वाड्रा से ‘जुड़ी’ संपत्तियों पर जांच एजेंसियों की नजर, फिर उभरा संजय भंडारी का नाम

जांच के दौरान यह बात सामने आ रही है कि लंदन में लगभग चार संपत्तियां खरीदी गई हैं। यह संपत्ति ब्रिटेन की कंपनी द्वारा कथित रूप दो सौदों से प्राप्त 'दलाली' से मिली से बेहिसाब दौलत से खरीदी गई है।

राबर्ट वाड्रा। (Express Photo)

इंग्लैंड स्थित एक कंपनी भारतीय जांच एजेंसियों की जद में आ गई है। कथित तौर पर इस कंपनी ने दो सौदे में बिचौलिए की भूमिका निभाते हुए पैसे का हेरफेर किया। दो सौदों में से एक पेट्रोलियम और दूसरा रक्षा से जुड़ा हुआ है। पेट्रोलियम सौदा यूपीए 1 के समय वर्ष 2009 में हुआ था और रक्षा सौदा वर्ष 2005 में हुआ था। इन दोनों सौदों के बारे एजेंसी जांच कर रही है। इससे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी के पति राबर्ट वाड्रा की मुश्किलें बढ़ सकती है। ब्रिटेन स्थित कंपनी- सिन्टक के साथ उनके सहयोगियों का कथित जुड़ाव है। इसके बाद लंदन में राबर्ट वाड्रा से जुड़ी संपत्तियों पर जांच एजेंसियों की नजर है। वहीं, वाड्रा के कथित सहयोगी संजय भंडारी का नाम एक बार फिर से उभर रहा है।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जांच के दौरान यह बात सामने आ रही है कि लंदन में लगभग चार संपत्तियां खरीदी गई हैं। यह संपत्ति ब्रिटेन की कंपनी द्वारा कथित रूप दो सौदों से प्राप्त ‘दलाली’ से मिली से बेहिसाब दौलत से खरीदी गई है। हथियारों का सौदा करने वाले संजय भंडारी ने यूके की कंपनी से 17,77,45,971 रुपये में एक लंदन में एक बंगला खरीदा है। बंगले की खरीद भंडारी की कंपनी वोरटेक्स के द्वारा खरीदे गए शेयर की मदद से हुआ है। सबसे पहले यह बंगला वर्ष 2010 में दुबई रहने वाले एनआरआई व्यवसायी सीसी थंपी ने खरीदी गई थी। यह खरीद एक कंपनी ‘स्काईलाइट एफजेडई’ के माध्यम से हुई थी। इस कंपनी का खाता शारजहां में है। बता दें कि 1000 करोड़ रुपये के फेमा उल्लंघन मामले में ईडी थंपी की जांच कर रही है। जांचकर्ताओं को थंपी और राबर्ट वाड्रा के बीच नजदीकी संबंध होने का संदेह है।

आरोप है कि वर्ष 2009 अंत में पेट्रोलियम सौदा तय होने के महीनों बाद, स्काईलाइट के खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए थे। अप्रैल 2010 में कंपनी के खाते में कई लाख दिरहम (दुबई मुद्रा) ट्रांसफर किए गए। एजेंसियों ने वह ईमेल प्राप्त करने का दावा किया है जो थंपी को वर्ष 2010 में लंदन स्थित बंगले को बेचने से पहले मरम्मत के लिए वाड्रा और संजय भंडारी के बीच किया गया था। बंगले की मरम्मत के लिए कुल 56 हजार रुपये दिए गए थे। एजेंसी ने आगे आरोप लगाया कि लंदन स्थित यह बंगला फिर से यूके स्थित सिन्टक कंपनी को बेची गई। इस खरीद में जांच एजेंसी संजय भंडारी, रॉबर्ट वाड्रा और थम्पी की कथित भूमिका की जांच कर रही है। जांच एजेंसियों की नजर लंदन की चार अन्य संपत्तियों पर भी है। कथिततौर पर इन संपत्तियों की खरीद ‘आपराधिक आय’ से हुई है।

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