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कांग्रेस का आरोप- मोदी ने अपने दोस्त अनिल अंबानी व गौतम अडाणी के फायदे के लिए किया रक्षा मंत्रालय के साथ खिलबाड़

राफेल सौदे को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने पिछले महीने करीब 100 मध्यम बहुपयोगी लड़ाकू विमान खरीदने के लिए अंतरराष्ट्रीय निविदाएं जारी कीं।

Author नासिक | September 13, 2018 12:28 PM
कांग्रेस का आरोप अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाने के लिए मोदी ने किया रक्षा मंत्रालय के साथ खिलबाड़

राफेल सौदे को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने पिछले महीने करीब 100 मध्यम बहुपयोगी लड़ाकू विमान खरीदने के लिए अंतरराष्ट्रीय निविदाएं जारी कीं। उन्होंने दावा किया कि अडाणी डिफेंस सिस्ट्म्स एंड टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने विमान की आपूर्ति के लिए स्वीडिश रक्षा कंपनी साब के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने एक गैरसरकारी संगठन द्वारा मंगलवार को आयोजित की एक संगोष्ठी में कहा, ‘‘(प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी ने अपने दोस्तों अनिल अम्बानी और गौतम अडाणी को फायदा पहुंचाने के लिए रक्षा मंत्रालय के साथ खिलवाड़ करना शुरू कर दिया है।

उन्होंने ‘‘इज मोदी रियली गिल्टी इन राफेल डील?’ (क्या मोदी सच में राफेल सौदे में दोषी हैं) विषय पर आयोजित संगोष्ठी में कहा, ‘‘राफेल सौदे के लिए रिलायंस डिफेंस के गठन के बाद अडाणी डिफेंस सिस्ट्म्स एंड टेक्नोलॉजीज लिमिटेड का गठन किया गया और उसने स्वीडन के साब समूह के साथ करीब 100 लड़ाकू विमानों के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।’’ चव्हाण ने कहा कि पूर्ववर्ती संप्रग सरकार 126 राफेल विमान खरीदने वाली थी लेकिन मोदी सरकार ने हर विमान के लिए 1,000 करोड़ रुपये ज्यादा देकर केवल 36 राफेल विमानों की खरीद से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए।

उन्होंने राफेल सौदे की एक संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की मांग करते हुए सवाल किया, ‘‘देश के लिए ज्यादा राफेल लड़ाकू विमानों की जरूरत है इसे ध्यान में रखा जाए, तो केवल 36 विमान क्यों खरीदे जा रहे हैं?’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि संप्रग सरकार ने विभिन्न देशों से निविदाएं मंगायीं थीं और फिर 126 राफेल विमान खरीदने का फैसला किया जिनमें 18 का निर्माण फ्रांस में किया जाना था जबकि बाकी 108 का निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) करती।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्रांस दौरे के बाद ज्यादा कीमत पर 36 विमानों की खरीद के लिए नये समझौते पर हस्ताक्षर किया गया।’’ अनिल अम्बानी के रिलायंस समूह ने कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ताओं एवं नेताओं को कई कानूनी नोटिस भेजते हुए राफेल सौदे को लेकर आरोप नहीं लगाने को कहा है।

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