West Bengal Elections Results: पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए हैं और सत्तारूढ़ टीएमसी के 15 साल का शासन खत्म हो गया है। बंगाल में बीजेपी लहर कुछ ऐसी चली कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने गृहक्षेत्र की भवानीपुर सीट पर लड़ने के बावजूद 15 हजार से ज्यादा वोटों से हार गई। इसीलिए बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत की चर्चा पूरे देश और दुनिया में है। पाकिस्तानी मीडिया तक बंगाल में बीजेपी की जीत पर पीएम मोदी की तारीफ कर रहा है।
दरअसल, बंगाल चुनाव में बीजेपी की जीत के चर्चे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान, लंदन और सुदूर न्यूयॉर्क तक में भी है। हालांकि, एक अहम बात यह भी है कि बंगाल की तरह ही चर्चा तमिल सुपरस्टार जोसेफ विजय की है, जिन्होंने केवल दो साल पहले सत्तारूढ़ डीएमके को सत्ता से हटाकर TVK को सत्ता के शिखर पर पहुंचा दिया है।
पाकिस्तान और बांग्लादेशी मीडिया ने क्या कहा?
पाकिस्तान के प्रमुख मीडिया संस्थान डॉन अखबार ने AFP चुनावों पर एएफपी के हवाले से कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की राष्ट्रवादी पार्टी ने विपक्ष के कब्जे वाले पश्चिम बंगाल राज्य में महत्वपूर्ण चुनावों में शानदार जीत हासिल की और अपने प्रतिद्वंद्वी के लंबे समय से चले आ रहे गढ़ पर कब्जा कर लिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन परिणामों से प्रधानमंत्री मोदी को 2029 में होने वाले आम चुनाव से पहले उच्च बेरोजगारी दर और लंबित अमेरिकी व्यापार समझौते समेत कई आर्थिक और विदेश नीति संबंधी चुनौतियों से निपटने में मजबूत स्थिति मिलेगी।
वहीं बात बांग्लादेश की करें तो वहां ढाका ट्रिब्यून ने बंगाल से ज्यादा तमिलनाडु पर फोकस किया और बताया कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री, अनुभवी राजनेता एमके स्टालिन, एक अपरिचित प्रतिद्वंद्वी से अपनी सीट हार गए। इसमें कहा गया है कि स्टालिन की सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (डीएमके) अभिनेता से राजनेता बने सी. जोसेफ विजय द्वारा गठित नवोदित पार्टी से काफी पीछे दूसरे स्थान पर रही।
BBC ने किया सबसे कठिन राजनीतिक क्षेत्र का जिक्र
बीबीसी ने अपनी चुनावी कवरेज में बंगाल पर फोकस किया। इसका टाइटल ‘मोदी की भाजपा ने भारत की सबसे कठिन राजनीतिक सीमाओं में से एक, बंगाल पर विजय प्राप्त की’ है। इस लेख में ब्रिटिश प्रकाशन ने दावा किया कि पूर्वी राज्य में बीजेपी की जीत मोदी के 12 साल के शासनकाल की सबसे महत्वपूर्ण सफलताओं में से एक होगी। लेख में कहा गया है, “यह केवल तीन बार के सत्ताधारी सांसद की हार नहीं है, बल्कि पूर्वी भारत में पार्टी की लंबी यात्रा का समापन है।”
The Guardian ने बताया BJP की सबसे बड़ी जीत
ब्रिटिश अखबार The Guardian की बात करें तो उसने भी बंगाल के परिणामों पर ध्यान केंद्रित किया, यह देखते हुए कि यह राज्य विपक्ष का एक दुर्लभ गढ़ रहा है, और भाजपा के सत्ता के समेकन में देश भर में इसका कोई मुकाबला नहीं है, और इसकी वजह से राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी की ताकत बहुत ज्यादा बढ़ने वाली है। गार्डियन ने अपने लेख का शीर्षक “नरेंद्र मोदी की भाजपा ने पश्चिम बंगाल में पहली बार चुनाव जीता” रखा। इसमें कहा गया कि बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम “भारत के राजनीतिक परिदृश्य के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव डालेंगे और पहले से ही कमजोर विपक्ष को एक और करारा झटका देंगे।”
अमेरिकी मीडिया ने क्या कहा
अमेरिका में न्यूयॉर्क टाइम्स ने ‘मोदी के हिंदू राष्ट्रवादियों ने भारत के विपक्ष के एक गढ़ पर विजय प्राप्त की’ शीर्षक वाली एक रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रदर्शन को ‘ऐतिहासिक’ बताया। इसमें कहा गया, “प्रधानमंत्री मोदी की बीजेपी ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को फिर से गढ़ने के अपने दशकों लंबे अभियान में सोमवार को एक नया मुकाम हासिल किया, देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्यों में से एक में विधानसभा चुनाव जीतकर, जहां वह पहले कभी सत्ता में आने के करीब भी नहीं पहुंची थी।’
वाशिंगटन पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम से प्रधानमंत्री मोदी की “स्थिति में सुधार होने और उनके तीसरे कार्यकाल के मध्य में उनकी स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।” लेख में कहा गया है, “2024 के राष्ट्रीय चुनावों ने उनकी सत्तारूढ़ पार्टी को सरकार बनाने के लिए क्षेत्रीय सहयोगियों पर निर्भर रहने के लिए मजबूर कर दिया। उनसे 2029 में रिकॉर्ड चौथी बार चुनाव लड़ने की उम्मीद है।” रिपोर्ट में केरल पर भी विशेष ध्यान दिया गया, जहां भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट सरकार को हराकर वामपंथी शासन के अंतिम बचे गढ़ों में से एक में वामपंथी शासन का अंत कर दिया।
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पश्चिम बंगाल चुनाव के परिणाम पर मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पार्टी मुश्किल परिस्थितियों में भी मजबूती से डटी रही। चुनाव लड़ने में पार्टी ने अपनी पूरी तकात लगाई। हालांकि, अब जो जनादेश आया है हम उसका सम्मान करते हैं। लेकिन पार्टी आगे भी देश के संविधान के लिए खड़ी रहेगी और जरूरत पड़ने पर लड़ेगी। पढ़िए पूरी खबर…
