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‘फ्री स्पीच चैम्पियन’ गुरमेहर कौर को टाइम मैगजीन ने बताया नये जमाने की लीडर

गुरमेहर कौर के पहले वीडियो 'पाकिस्तान ने नहीं, युद्ध ने मेरे पिता को मारा' को संदर्भ बनाकर पूर्व क्रिकेटर वीरेन्द्र सहवाग और अभिनेता रणदीप हुड्डा ने गुरमेहर के खिलाफ टिप्पणियां की थी।
गुरमेहर कौर। (photo source – Indian Express)

‘मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा हूं और मैं एबीवीपी से नहीं डरती’ इस बयान को देकर चर्चा में आई गुरमेहर कौर को अंतरराष्ट्रीय पत्रिका ‘टाइम’ ने नये जमाने की लीडर और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की योद्धा बताया है। दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम की छात्रा गुरमेहर कौर जम्मू-कश्मीर में शहीद एक सैनिक की बेटी हैं। गुरमेहर कौर अपने दो वीडियो को लेकर काफी चर्चा में रही थी। पहले वीडियो में गुरमेहर कौर ने दो देशों के बीच युद्ध को मानवतावादी नजरिये से देखा था और कहा था कि मेरे पिता को पाकिस्तान ने नहीं युद्ध ने मारा है। दूसरे वीडियो में गुरमेहर कौर दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज में एबीवीपी के प्रदर्शनों पर अपनी राय दी थी और कहा था कि वह दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा है और एबीवीपी से नहीं डरती हैं और वे अकेले नहीं हैं। गुरमेहर कौर के इस वीडियो पर काफी विवाद हुआ था। गुरमेहर कौर के पहले वीडियो ‘पाकिस्तान ने नहीं, युद्ध ने मेरे पिता को मारा’ को संदर्भ बनाकर पूर्व क्रिकेटर वीरेन्द्र सहवाग और अभिनेता रणदीप हुड्डा ने गुरमेहर के खिलाफ टिप्पणियां की थी।

टाइम मैगजीन ने गुरमेहर कौर को स्टार वार एक्टर जॉन बॉएगा, यू ट्यूब की जानी मानी नाम लिली सिंह और दक्षिण अफ्रीका के कॉमेडियन ट्रेवर नोआ की बराबरी पर रखा है। मैगजीन ने लिखा है कि एबीवीपी का विरोध करने पर गुरमेहर कौर ऑन लाइन ट्रोलिंग की जबर्दस्त शिकार हुई, उसे धमकियां मिली, उसे चुप रहने को कहा गया , लेकिन उसने बोलना जारी रखा। टाइम के मुताबिक, ‘गुरमेहर कहती हैं कि उसे चुप क्यों रहना चाहिए।’ गुरमेहर के मुताबिक हालांकि मैंने ये सब नहीं चाहा था लेकिन मुझे हालात ने आगे कर दिया, और मैं अब अपनी बात कह रही हूं।’

गुरमेहर कौर अभिव्यक्ति की आजादी पर अपने अनुभवों को केन्द्र रखकर एक किताब ‘स्माल एक्ट ऑफ फ्रीडम’ लिखने जा रही है। ये किताब अगले साल रिलीज होगी। गुरमेहर कौर से जुड़ा ये विवाद इतना बढ़ा कि उनकी मां को सफाई देने आना पड़ा। गुरमेहर कौर की मां राजविंदर कौर ने कहा कि उनकी बेटी राष्ट्र विरोधी नहीं है और वह जो कर रही है उसपर उसे गर्व है। राजविंदर कौंर ने कहा कि मेरी बेटी जो कर रही है उसके लिए हिम्मत चाहिए। जब उसे राष्ट्र-विरोधी बताया जाता है तो दुख होता है। उन्होंने कहा कि मैंने उसे जन्म जरूर दिया, लेकिन अब मैं उससे सीख रही हूं।’

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