International Court of Justice fixed 17 April 2018 and 17 July 2018 respectively for India and Pakistan as the respective time-limits for filing of written pleadings in Kulbhushan Jadhav case - इंटरनेशनल कोर्ट में कुलभूषण जाधव मामले में दलील की तारीख मुकर्रर, 17 अप्रैल को भारत रखेगा अपना पक्ष - Jansatta
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इंटरनेशनल कोर्ट में कुलभूषण जाधव मामले में दलील की तारीख मुकर्रर, 17 अप्रैल को भारत रखेगा अपना पक्ष

पाकिस्तान का दावा है कि उसके सुरक्षा बलों ने जाधव उर्फ हुसैन मुबारक पटेल को पिछले साल तीन मार्च को बलूचिस्तान प्रांत से गिरफ्तार किया था, जाधव कथित रुप से ईरान से बलूचिस्तान में घुस गये थे।

Author January 24, 2018 7:44 AM
भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में जासूसी के आरोप में सैन्य अदालत से मौत की सजा दी गई थी

जासूसी के तथाकथित मामले में पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव के मामले में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने लिखित दलीलें जमा करने के लिए भारत और पाकिस्तान के लिए क्रमश: 17 अप्रैल और 17 जुलाई की समय सीमा तय की है। पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जाधव (47) को जासूसी और आतंकवाद के मामले में मृत्युदंड सुनाया था जिसके बाद भारत मई में हेग के अंतरराष्ट्रीय न्यायालय पहुंचा। अठारह मई को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की दस सदस्यीय पीठ ने इस मामले में निर्णय लेने तक पाकिस्तान को जाधव की सजा को तामील करने से रोक दिया था।

संयुक्त राष्ट्र के प्रधान न्यायिक निकाय ने पिछले हफ्ते बयान जारी कर जाधव मामले में भारत को जवाब और फिर उसका जवाब देने के लिए अधिकृत किया। बयान में कहा गया है, ‘‘अदालत ने इन लिखित दलीलों के लिए क्रमश: समय सीमाएं 17 अप्रैल, 2018 और 17 जुलाई, 2018 तय की हैं। ’’ बयान के अनुसार अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने दोनों पक्षों के दृष्टिकोणों और मामले की परिस्थितयों को ध्यान में रखते हु यह फैसला किया है।

पाकिस्तान का दावा है कि उसके सुरक्षा बलों ने जाधव उर्फ हुसैन मुबारक पटेल को पिछले साल तीन मार्च को बलूचिस्तान प्रांत से गिरफ्तार किया था, जाधव कथित रुप से ईरान से बलूचिस्तान में घुस गये थे। हालांकि भारत का कहना है कि जाधव को ईरान से अगवा किया गया । भारतीय सेना से सेवानिवृत होने के बाद जाधव अपने कारोबार के संबंध में ईरान गये थे।

गौरतलब है कि पिछले साल 25 दिसंबर जाधव की उनकी मां अवंति और पत्नी चेतंकुल ने उनसे पाकिस्तान जाकर मुलाकात की थी। जिस कमरे में उनकी मुलाकात हुई थी, वहां परिवार वालों और कुलभूषण जाधव के बीच शीशे की दीवार थी। एक तरफ कुलभूषण जाधव तो दूसरी तरफ उनकी मां और पत्नी। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की थी। तस्वीरों को देखने के बाद भारत में इस बात की चर्चा तेज हो गई थी और सवाल उठने लगे थे कि मुलाकात से पहले कुलभूषण जाधव के साथ बर्बरता की गई थी। उनके कान के पीछे और बाल मुंडवाए गए सिर पर इस तरह के निशान थे जो बर्बरता की कहानी बयां करते थे। सवाल उठने के बाद पाकिस्तान ने कहा था कि जाधव की परिवार से यह आखिरी मुलाकात नहीं है।

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