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अंतरिम बजट पेश, छूट और राहत पैकेज के हुए एलान

अंतरिम बजट में मध्यवर्ग के कर दाताओं के लिए आयकर छूट की सीमा 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर तीन लाख रुपए सालाना की जा सकती है। वहीं, कॉरपोरेट कर को 30 फीसद से घटाकर 25 फीसद किया जा सकता है।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर। (इलस्‍ट्रेशन- सुब्रत धर, इंडियन एक्‍सप्रेस)

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को लोकसभा में अंतरिम बजट पेश कर दिया है। उन्होंने अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने महंगाई पर भी लगाम लगाई है। बजट में बजट में ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ नाम की योजना को मंजूरी दी गई है। पीएम किसान सम्मान निधि के लिए 75000 करोड़ का पैकेज जारी किया गया है। दो हेक्टेयर तक की जमीन वाले किसानों के खाते में दो हजार रुपये की आर्थिक मदद की जाएगी। इस कदम से 12 करोड़ किसानों को फायदा होगा। 1 दिसंबर 2018 से यह योजना लागू होगी। इसकी पहली किस्त जल्द खाते में आएगी।

इसमें मध्यवर्ग और कॉरपोरेट को कर छूट, किसानों और लघु उद्योग क्षेत्र को राहत पैकेज की घोषणा की उम्मीद थी। अंतरिम बजट में मध्यवर्ग के कर दाताओं के लिए आयकर छूट की सीमा 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर तीन लाख रुपए सालाना की जा सकती है। वहीं, कॉरपोरेट कर को 30 फीसद से घटाकर 25 फीसद किया जा सकता है। गोयल को अरुण जेटली की जगह पर वित्त मंत्रालय का कार्यभार दिया गया है। जेटली फिलहाल अमेरिका में इलाज करा रहे हैं। वित्त मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि सरकार अंतरिम बजट ही लाएगी, लेकिन गोयल विभिन्न श्रेणियों को छूट और राहत प्रदान कर इस बार लेखानुदान की परंपरा तोड़ेंगे। इस तरह के संकेत अरुण जेटली पहले ही दे चुके हैं।

आमतौर पर आम चुनावों से पहले अंतरिम बजट सिर्फ चार महीनों के लेखानुदान के लिए पेश किया जाता है, ताकि सरकारी कामकाज और पहले से चल रहे कार्यक्रम प्रभावित न हो और नई सरकार पूर्ण बजट प्रस्तुत कर सके। इलाज के लिए अमेरिका जाने के पहले अरुण जेटली ने संकेत दिया था कि अंतरिम बजट परंपरा के अनुसार नहीं होगा, क्योंकि संकटग्रस्त कृषि क्षेत्र को राहत देने में देर नहीं की जा सकती और इसके लिए लेखानुदान पर्याप्त नहीं होगा।

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कृषि क्षेत्र को छोटे और सीमांत किसानों के लिए 15,000 रुपए प्रति हेक्टेयर का प्रत्यक्ष निवेश समर्थन दिया जा सकता है। वहीं मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार के दौर में लागू की गई भावान्तर जैसी योजना केंद्र सरकार भी लागू कर सकती है। इसमें किसानों को फसल के बाजार मूल्य और उचित मूल्य के बीच के अंतर का भुगतान सरकार करती है। किसानों को राहत पैकेज पर 70 हजार करोड़ से लेकर एक लाख करोड़ रुपए तक की लागत आ सकती है।

नोटबंदी और जीएसटी को लागू करने से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। बजट में इनके लिए प्रोत्साहन और कर्ज की आसान शर्तों की घोषणा की जा सकती है। बजट में व्यक्तिगत आयकर छूट सीमा को मौजूदा ढाई लाख से बढ़ाकर तीन लाख रुपए किया जा सकता है, जबकि 60 से 80 वर्ष की आयु वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए इसे साढ़े तीन लाख रुपए तक बढ़ाया जा सकता है। महिलाओं की भी साढ़े तीन लाख रुपए तक की सालाना आय को करमुक्त किया जा सकता है। छोटे कारोबारियों के लिए सस्ते कर्ज की योजना घोषित हो सकती है।

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