ताज़ा खबर
 

सत्ता समर में दिलचस्प: सियासी मैदान में नाते-रिश्तेदार आमने-सामने

कहीं भाई के खिलाफ भाई खड़ा है तो कहीं सास ने पतोहू के खिलाफ मोर्चा खोला है। कई सीटों पर पिता और पुत्र आमने-सामने हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों का मुकाबला दिलचस्प हो गया है।

बिहार में विधानसभा की कई सीटों पर घर वाले एक-दूसरे को चुनौती दे रहे हैं। कहीं भाई के खिलाफ भाई खड़ा है तो कहीं सास ने पतोहू के खिलाफ मोर्चा खोला है। कई सीटों पर पिता और पुत्र आमने-सामने हैं।

जोकीहाट : यहां कभी सीमांचल के कद्दावर नेता रहे दिवंगत सांसद तस्लीमुद्दीन के दो बेटे विधायक बनने के लिए आमने-सामने हैं। यहां से मौजूदा राजद विधायक व तस्लीमुद्दीन के छोटे बेटे मोहम्मद शाहनवाज का टिकट इस बार कट गया। अब वह ओवैसी की एआइएमआईएम से मैदान में हैं। बड़े भाई पूर्व सांसद सरफराज आलम को राजद ने टिकट दिया है। सरफराज 2000, 2010 और 2015 में जोकीहाट के एमएलए भी रह चुके हैं। यहां के अन्य एक प्रत्याशी शब्बीर अहमद भी तस्लीमुद्दीन के करीबी रिश्तेदार हैं।

पीरपैंती : यहां से मौजूदा राजद विधायक रामविलास पासवान तीसरी बार मैदान में हैं। उनके पिता उदाली पासवान भी मैदान में हैं। रामविलास ने 2015 में राजद के टिकट पर चुनाव लड़ा और विधायक बने। इस बार फिर राजद ने उन्हें टिकट दिया है। दूसरी ओर, हर चुनाव में विधायक के पिता उदाली पासवान भी नामांकन कराते हैं। इस बार भी पुत्र के सामने डटकर खड़े हैं। पिता के समर्थक कहते हैं, उनका शौक है चुनाव लड़ना।

नरकटियागंज : विनय वर्मा और रश्मि वर्मा आमने-सामने हैं। दोनों आपस में भसुर और भावज (छोटे भाई की पत्नी) हैं। रश्मि वर्मा, विनय वर्मा के चचेरे भाई दिवंगत आलोक वर्मा की पत्नी हैं। 2015 के चुनाव में भी दोनों आमने -सामने थे। तब भी विनय वर्मा कांग्रेस के उम्मीदवार ही थे। रश्मि वर्मा को भाजपा से टिकट नहीं मिला था तो वह निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गई थीं। विनय वर्मा चुनाव जीत गए थे और रश्मि वर्मा को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा था। इस बार भाजपा ने रश्मि वर्मा पर भरोसा जताया है।

ढ़ौरा : जनता दल राष्ट्रवादी के प्रत्याशी चाचा जयराम राय के खिलाफ भतीजा आनंद राय ने निर्दलीय ताल ठोंकी है। आनंद राय छपरा के पूर्व जदयू विधायक रामप्रवेश राय के पुत्र हैं। जयराम राय 2010 का चुनाव निर्दलीय व 2015 का चुनाव बसपा के टिकट पर लड़ चुके हैं।

रामनगर : विधायक भागीरथी देवी और उनकी पतोहू रानी कुमारी आमने-सामने हैं। प्रचार अभियान में दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। पतोहू रानी ने कहा कि उनकी सास जब अपना घर नहीं संभाल सकीं, तो विधानसभा क्षेत्र क्या संभाल पाएंगी। सास भी वार कर रही हैं।

मनेर : ममेरे और फुफेरे भाई निखिल आनंद और श्रीकांत निराला आमने-सामने हैं। भाजपा से टिकट कटने के बाद पूर्व विधायक श्रीकांत निराला निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। निखिल आनंद को भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है। श्रीकांत निराला अपने पुराने दिनों के साथियों व अल्पसंख्यक समाज के लोगों को असली समाजवादी बताते हुए प्रचार कर रहे हैं। निखिल आनंद अपने स्व. दादा मनेर से विधायक रह चुके श्रीभगवान सिंह को अपना आदर्श बताते हुए वोट मांग रहे हैं।

शाहपुर : भोजपुर के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 23 प्रत्याशी हैं। यहां देवरानी व जेठानी के बीच मुकाबले में हैं। पूर्व विधायक मुन्नी देवी को भाजपा ने एक बार फिर अपना उम्मीदवार बनाया है। उनकी जेठानी शोभा देवी निर्दलीय मैदान में हैं। पिछले चुनाव में शोभा देवी के पति विशेश्वर ओझा भाजपा के उम्मीदवार थे। चुनाव बाद उनकी हत्या कर दी गई। शोभा देवी टिकट की दावेदार थीं।

गुरुआ : गया के गुरुआ विधानसभा क्षेत्र से चाचा-भतीजा चुनाव में आमने सामने हैं। इमामगंज प्रखंड के करमौन गांव के रहने वाले शेरघाटी विधान सभा क्षेत्र के पहले विधायक व स्वतंत्रता सेनानी दिवंगत जगलाल महतो के पुत्र अशोक प्रसाद और इनके भतीजे अरविंद कुमार महतो एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं। चाचा अशोक प्रसाद भारतीय लोक चेतना पार्टी से और भतीजा अरविंद कुमार महतो पीपल्स पार्टी आफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के टिकट से किस्मत आजमा रहे हैं।

रामगढ़ : रामगढ़ में जगदानंद सिंह के बेटे की राह रोकने को चचेरा भाई खड़ा है। राजद प्रत्याशी सुधाकर सिंह सहुका घराने के हैं। वह रामगढ़ विधानसभा से छह बार विधायक रहे व वर्तमान में राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के पुत्र हैं। सुधाकर सिंह 10 वर्ष पहले भाजपा के टिकट पर रामगढ़ सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। तब राजद से अंबिका सिंह ने जीत दर्ज की थी।

तारापुर : जमुई के दो राजनीति घराने से दो-दो प्रत्याशी चुनाव मैदान में डटे हैं। पहला राजनीति घराना पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश नारायण यादव का है, जिनकी पुत्री दिव्य तारापुर से तो भाई विजय प्रकाश जमुई से चुनाव लड़ रहे हैं। दोनों को राजद ने प्रत्याशी बनाया है। 2015 के चुनाव में महागठबंधन प्रत्याशी के रूप में विजय प्रकाश जीते थे। नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में विजय प्रकाश श्रम संसाधन राज्य मंत्री भी बने थे। यहां से राजद की प्रत्याशी दिव्या प्रकाश पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश नारायण यादव की बड़ी बेटी हैं।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 सत्ता समर: नीतीश के किस दांव का घाव सहला रही है लोजपा
2 सत्ता समर: पढ़ाई-कमाई-दवाई और महंगाई हैं चुनावी मुद्दे
3 सत्ता समर: दो ध्रुवीय मुकाबले की ओर बढ़ा बिहार
यह पढ़ा क्या?
X