केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद मानसूत्र के पहले दिन राज्यसभा में एक विधेयक लाने वाली है। इसके तहत अब राष्ट्रगान वंदे मातरम में किसी भी प्रकार की बाधा बनना या उसका अपमान करना अपराध माना जाएगा। 20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। ऐसे में अमित शाह इस विधेयक को पेश करने का मन बना चुके हैं।
राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 सोमवार को राज्यसभा के एजेंडा में शामिल किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस विधेयक को पेश करेंगे।
1971 के अधिनियम में होगा संशोधन
यह विधेयक राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम 1971 में संशोधन करेगा, जो देश के राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान या अनादर करना एक अपराध माना जाएगा, इनमें राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान शामिल हैं। इसके तहत दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
इस विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रगान जन गण मन के समान ही राष्ट्रीय गीत वंदे मारतम को वैधानिक सुरक्षा प्रदान करना है। वर्तमान में वंदे मातरम के गायन का अपमान रोकने के लिए कोई विशेष कानूनी प्रावधान नहीं है।
इस विधेयक में कोई भी व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रगान गाने से रोकने या ऐसे गायन में संलग्न किसी भी सभा में अशांति पैदा करने से रोकने के लिए, उक्त अधिनियम की धारा 3 में संशोधन करके राष्ट्रगान को भी इसके दायरे में शामिल करने का प्रस्ताव है, ताकि ऐसे कृत्यों को दंडनीय बनाया जा सके।
हाल ही में जारी किया निर्देश
यह कदम ऐसे समय में सामने आ रहा है जब देश में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ का समारोह चल रहा है। हाल में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सरकारी कार्यक्रमों के लिए एक निर्देश जारी किया है जिसके तहत सभी आधिकारिक सरकारी कार्यक्रम में राष्ट्रगान से पहले राष्ट्रगीत वंदे मातरम बजाना या गाना अनिवार्य हो गया है।
लेफ्ट सांसद ने वापस लेने का आग्रह किया
हालांकि इस विधेयक को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। सीपीआई एम के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने अमित शाह को एक पत्र लिखा है और उनसे विधेयक को वापस लेने का आग्रह किया है। उन्होंने पत्र में डॉ राजेंद्र प्रसाद और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी हवाला दिया है। साथ ही प्रस्तावित विधेयक पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
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केंद्र सरकार सोमवार (20 जुलाई) को शुरू हो रहे मानसून सत्र के पहले दिन राज्यसभा में लाने की तैयारी कर रही है। इसी बीच लेफ्ट पार्टी के एक सांसद ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से यह विधेयक वापस लेने की अपील की है। अमित शाह राज्यसभा में विधेयक पेश करेंगे जिसके पास होने के बाद राष्ट्रगान वंदे मातरम में किसी भी प्रकार की बाधा डालने या उसका अपमान करने पर अपराध माना जाएगा। इस विधेयक का नाम राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026′ है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
