INS Trikand in Mauritius: ईरान-इजरायल के बीच युद्ध चल रहा है जिसके चलते पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव है। इस दौरान ही भारत में जॉइंट युद्धाभ्यास के लिए भारत आया था। उसे भारतीय सीमा से बाहर जाते ही अमेरिका ने निशाना बना लिया, जिसके चलते 87 से ज्यादा ईरानी नौसैनिकों की मौत की पुष्टि हुई थी। इन सबके बीच ही अब भारत का युद्धपोत यानी INS Trikand को मॉरीशस भेजा गया है।

लोगों के मन में यह सवाल था कि ऐसे भीषण युद्ध के दौर में भारत ने अपना युद्धपोत मॉरीशस क्यों भेजा? जानकारी के मुताबिक, INS त्रिकंद 58वें मॉरीशस नेशनल डे सेलिब्रेशन में हिस्सा लेगा। जिसमें एक मार्चिंग टुकड़ी, एक नेवल बैंड परफॉर्मेंस और चैंप डे मार्स में नेशनल डे परेड के दौरान शिप के इंटीग्रल हेलीकॉप्टर का फ्लाई-पास्ट शामिल है।

INS Trikand में कौन-कौन?

बता दें कि मॉरीशस में 58वां राष्ट्रीय दिवस मनाया जाने वाला है। ऐसे में शिप के कमांडिंग ऑफिसर, सचिन कुलकर्णी, सीनियर सरकारी अधिकारियों और मॉरिशस कोस्ट गार्ड के प्रतिनिधियों से भी मिलेंगे। डिप्लॉयमेंट में कई तरह के प्रोफेशनल और कल्चरल एंगेजमेंट शामिल होंगे।

मॉरीशस से करीबी का मकसद क्या?

इसमें क्रॉस-ट्रेनिंग विजिट, फ्रेंडली स्पोर्ट्स फिक्स्चर और इंडियन नेवी के कर्मचारियों और लोकल काउंटरपार्ट्स के बीच कम्युनिटी आउटरीच एक्टिविटीज भी होंगी।

इसको लेकर इंडियन नेवी ने कहा है कि इस दौरे का मकसद समुद्री सहयोग को मजबूत करना, ऑपरेशनल इंटरऑपरेबिलिटी में सुधार करना और स्ट्रेटेजिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद महासागर क्षेत्र में भारत और मॉरीशस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करना है।

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अहमदाबाद में सिलेंडर ले जाते लोग। (AP Photo/Ajit Solanki)

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने बुधवार को कहा है कि घबराहट में एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग करने की जरूरत नहीं है। मंत्रालय ने कहा है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए करीब 2.5 दिन का सामान्य आपूर्ति चक्र बरकरार है। पढ़िए पूरी खबर