मुंबई में INOX Group के एक सीनियर अकाउंट एग्जिक्युटिव कथित तौर पर व्हाट्सऐप पर 10.40 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार हो गए। जानकारी के मुताबिक, उन्होंने कुछ ही दिनों में 63 ट्रांजैक्शन के जरिए 10.40 करोड़ से ज्यादा की रकम अपने अकाउंट से ट्रांसफर की। उन्होंने एक मोबाइल नंबर से मिले व्हाट्सऐप मैसेज मिलने के बाद यह राशि ट्रांसफर की थी। उन्हें लगा था कि यह मोबाइल नंबर कंपनी के एग्जिक्युटिव डायरेक्टर सिद्धार्थ जैन का है। बता दें कि यह कंपनी इंडस्ट्रियल गैस सेक्टर में काम करने के अलावा एक बड़ी सिनेमा चेन की मालिक है।

मुंबई पुलिस की जांच-पड़ताल के बाद मंगलवाल को दिल्ली पुलिस ने इस मामले में चार लोगोंको गिरफ्तार किया। इनमें से दो लोगों ने कमीशन मिलने के बदले मास्टरमाइंड को अपने बैंक अकाउंट एक तरह से किराए पर दिए थे। इन अकाउंटधारकों को पुलिस ने उस वक्त गिरफ्तार किया जब वे साउथ-ईस्ट दिल्ली के एक बैंक में 8 लाख रुपये कैश निकालने गए थे।

व्हाट्सऐप पर ठगी का जाल

मुंबई पुलिस को दी गई शिकायत में कंपनी के अकाउंट्स विभाग के डिप्टी जनरल मैनेजर गिरीश अमीन ने बताया कि उन्हें 3 जून को एक मोबाइल नंबर से व्हाट्सऐप मैसेल मिला। इसमें भेजने वाले ने खुद को सिद्धार्थ जैन बताया। मैसे में कहा गया कि यह उनका ‘बहुत निजी नंबर’ है और इसे किसी के साथ शेयर ना किया जाए।

मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि यह शिकायत साउथ साइबर पुलिस स्टेशन को मिली है और इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा रही है। कंपनी में 31 सालों से काम कर रहे गिरीश अमीन ने बताया कि व्हाट्सऐप अकाउंट की डिस्प्ले फोटो पर जैन की तस्वीर लगी हुई थी जिससे उन्हें लगा कि मैसेज वास्तव में उन्हीं की ओर से भेजे गए हैं।

शिकायत के अनुसार, जैन बनकर बात कर रहे व्यक्ति ने अमीन से कहा कि वह एक मीटिंग में जा रहे हैं और कोई उन्हें फोन ना करे क्योंकि वह बाद में खुद कॉल करेंगे। इसके कुछ ही देर बाद आरोपी ने बैंक खाते की जानकारी भेजी और कंपनी के खाते से 46 लाख 50 हजार 102 रुपये ट्रांसफर करने का निर्देश दिया। अमीन ने इन निर्देशों को असली मानते हुए यह राशि ट्रांसफर कर दी।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 3 जून से 15 जून के बीच अमीन ने व्हाट्सएप पर मिले ऐसे ही निर्देशों के आधार पर कंपनी के खाते से अलग-अलग लाभार्थियों के खातों में कई बार पैसे भेजे।

कुल मिलाकर 63 लेनदेन किए गए जिनके जरिए कंपनी के खाते से 10 करोड़ 40 लाख 71 हजार 924 रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है।

इनवॉइस मांगने पर सामने आया करोड़ों की ठगी का मामला

धोखाधड़ी का यह मामला मंगलवार को सामने आया जब गिरीश अमीन ने लेनदेन से जुड़े इनवॉइस (बिल) लेने के लिए आधिकारिक चैनल से जैन से संपर्क किया।

सूत्रों के मुताबिक, जैन ने अमीन को बताया कि उन्होंने इस तरह के किसी भी पेमेंटं का निर्देश कभी नहीं दिया था। इसके बाद अमीन को एहसास हुआ कि व्हाट्सऐप पर जैन का नाम और तस्वीर इस्तेमाल कर किसी ठग ने उन्हें धोखा दिया है।

इसके बाद अमीन ने तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, पुलिस में मामला दर्ज कराया और सबूत के तौर पर व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट भी जमा कराए। इस मामले पर संपर्क किए जाने पर गिरीश अमीन ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

वहीं, दिल्ली में दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस को मंगलवार दोपहर आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की जसोला शाखा से सूचना मिली कि दो व्यक्ति बैंक से 8 लाख रुपये नकद निकालने पहुंचे हैं। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।

ऑपरेशन CyHawk के तहत हुई गिरफ्तारियां

पुलिस ने हाल ही में ‘ऑपरेशन साइहॉक (CyHawk)’ के तहत कई अभियान चलाए थे। इस दौरान जिले के बैंकों के अधिकारियों से कहा गया था कि वे संदिग्ध गतिविधियों, खासकर असामान्य नकद निकासी की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

सूत्रों के अनुसार, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की जसोला शाखा से सूचना मिलने के बाद पुलिस की एक टीम तुरंत बैंक पहुंची। वहां सरिता विहार थाना पुलिस ने दो संदिग्धों को पकड़ लिया जिनकी पहचान विकाश और वंश के रूप में हुई।

पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उन्होंने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते किराये पर दिए थे ताकि साइबर ठगी से हासिल रकम को उनके खातों के जरिए इधर-उधर भेजा जा सके। इसके बदले उन्हें क्रमशः 30 हजार रुपये और 20 हजार रुपये कमीशन मिलने का वादा किया गया था।

इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई और जाल बिछाकर दो कथित संचालकों (हैंडलर्स) फैयाज आलम और अमित को मदनपुर खादर इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया।

सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान फैयाज आलम ने पुलिस को बताया कि एक फरार आरोपी ने उसे साइबर ठगी से हासिल धन को ठिकाने लगाने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने के बदले दो फीसदी कमीशन देने का वादा किया था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।